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भारत के एंटी-सैटेलाइट मिसाइल परीक्षण पर पेंटागन ने एक बार फिर भारत का समर्थन किया है. पेंटागन के मुताबिक भारत ने यह टेस्ट अंतरिक्ष में सुरक्षा को लेकर किया है. यूएस स्ट्रैटेजिक कमांड के कमांडर जनरल जॉन ई हाइटेन ने सीनेट आर्म्ड सर्विस कमेटी के सामने कहा, 'सबसे पहला सवाल यह है कि भारत ने ऐसा क्यों किया, जिसका उत्तर है कि वह अंतरिक्ष में अपने देश की सुरक्षा चाहता था. इसीलिए भारत को लगा कि उसके पास अंतरिक्ष में सुरक्षा की क्षमता होनी चाहिए.'

आपको बता दें कि इसके पहले भी पेंटागन ने भारत द्वारा एंटी सैटेलाइट मिसाइल परीक्षण का समर्थन करते हुए कहा था कि भारत के इस परीक्षण के चलते अंतरिक्ष में फैले मलबे से किसी को भी किसी तरह का नुकसान नहीं होगा. साथ ही पेंटागन ने ये भी कहा था कि परीक्षण के कारण वातावरण में जो मलबा फैला है वह कुछ {समय|वक्त| बाद में जलकर खत्म (अपघटित) हो जाएगा.

नासा के प्रशासक जिम ब्राइडेंस्टाइन ने कहा था कि भारत द्वारा किए गए परीक्षण से फैला मलबा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से टकरा सकता है और यह बहुत ही घातक स्थिति होगी. आपको बता दें कि पेंटागन ने यह बात ब्राइडेंस्टाइन के बयान के बाद आई है. इस परीक्षण के बाद भारत एंटी-सैटेलाइट मिसाइल क्षमता वाला दुनिया का चौथा देश हो गया है. भारत के अलावा ये क्षमता अमेरिका, रूस और चीन के पास है.


 


 



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