मास्टर माइंड ‘हनीप्रीत’ को नहीं मिली कोर्ट से राहत, खारिज हुई जमानत याचिका

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फेमस डेरा काण्ड की मुख्य आरोपी हनीप्रीत की जमानत याचिका को पंचकूला कोर्ट ने खारिज कर दिया है. राम रहीम की 'लाडली' हनीप्रीत 25 अगस्त 2017 को पंचकूला में हुई हिंसा और देशद्रोह के मामले में आरोपी है. काफी वक्त तक पुलिस को धूल चटाने के बाद उसे 3 अक्टूबर 2017 को पंजाब के जीरकपुर के पास से हिरासत में लिया गया था. चार्जशीट में मुख्य आरोपी हनीप्रीत को बनाया गया है. हनीप्रीत पर राष्ट्र के खिलाफ जंग छेड़ने की धारा 121 यानी देशद्रोह और 121ए, 121बी के अंतर्गत आपराधिक वारदातों को अंजाम देने की साजिश रचने का केस दर्ज किया गया है. मामले की जांच करने के बाद चार्जशीट में कुल 67 लोगों को गवाह बनाया गया है, जिनमें से अधिकतर पुलिस वाले हैं.

उसके बाद 245 दिन से वह अंबाला सेंट्रल जेल में है. मामले की जांच कर रही पंचकूला पुलिस की विशेष एसआईटी ने 28 नवंबर 2017 को हनीप्रीत समेत 15 लोगों के खिलाफ 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट में सभी आरोपियों को पंचकूला में दंगों और हिंसा की घटना के लिए आरोपी बनाया गया है. आरोपियों में हनीप्रीत के अलावा आदित्य इंसा, पवन इंसा, सुरेंद्र धीमान, दिलावर इंसा, दान सिंह, चमकौर सिंह और गोविंद राम का नाम भी शामिल है. सभी के खिलाफ IPC की धारा 121, 121ए, 216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120बी के तहत मामले दर्ज किए गए हैं.

हरियाणा पुलिस के मुताबिक़, डेरा सच्चा सौदा के हेडक्वॉर्टर में एक सीक्रेट मीटिंग में पंचकूला हिंसा की साजिश को अंजाम दिया गया था.



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