एयर स्ट्राइक से तिलमिलाए पाक ने F-16 का किया था इस्तेमाल, भारतीय विमानों पर दागी थी 4-5 मिसाइलें

Lok Sabha Eleciton 2019: भाजपा ने जारी की 11 उम्मीदवारों की एक और लिस्ट, कैराना से हुकुम सिंह की बेटी का टिकट कटा

सैम पित्रोदा के विवादित बयान पर अमित शाह ने कहा- जनता और जवानों से माफी मांगे राहुल गांधी

भारत के पहले लोकपाल बने जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिलाई शपथ

इमरान खान का ट्वीट, पाकिस्तान के नेशनल डे पर पीएम मोदी ने भेजा संदेश, भारत का जवाब, ये परंपरा का हिस्सा

पीएम नरेंद्र मोदी ने ब्लॉग लिखकर शहीदों और राम मनोहर लोहिया को किया याद, कांग्रेस पर बोला हमला

आतंकी हाफिज सईद के संगठन के खिलाफ NIA ने दाखिल की चार्जशीट, भारत में करते थे स्लीपर सेल की भर्ती

2019-03-06_F16.jpg

पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश के आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना के एयर स्ट्राइक से तिलमिलाए पाक ने 27 फरवरी को भारत की सीमा में घुसने के कोशिश की. इसके लिए ना सिर्फ उसने F-16 लड़ाकू विमान का उपयोग किया, बल्कि भारत के सुखोई-30 और मिग-21 को निशाना बनाकर चार से पांच मिसाइल भी दागे. अपने इस मंसूबे में वह असफल रहे.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पाकिस्तान ने हवा में लगभग 40 से 50 किलोमीटर की दूरी से हमले की कोशिश की. इसके लिए उसने (AMRAAM) अमेरिकन एयर टू एयर मिसाइलें दागी थीं. पाकिस्तान के पास जितने लड़ाकू विमान हैं उसमें से सिर्फ एफ-16 में ही इस मिसाइल से हवा में हमला करने की क्षमता है. आपको बता दें कि पाकिस्तान लगातार इस बात से इनकार कर रहा है कि उसकी वायुसेना ने एफ-16 का उपयोग किया है.

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के दावों को गलत साबित करने के लिए भारतीय सेना ने उन इलाकों की गहन तलाशी की है, जहां AMRAAM के गिरने की संभावना है. साथ ही सूत्र ने यह भी कहा कि मिसाइल के और भी टुकड़े मिल जाने के बाद पाकिस्तान का झूठ बेनकाब हो जाएगा, जिसमें वह लगातार यह कह रहा है कि उसने एफ-16 का इस्तेमाल नहीं किया है.

आपको बता दें कि 27 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के रजौरी के नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तान ने भारतीय सेना के ठिकाने को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसमें वह असफल रहे. इस दौरान भारतीय वायुसेना ने उन्हें खदेड़ दिया और पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान को भी मार गिराया.

सूत्र ने इस बात की संभावना जतायी है कि पाकिस्तान की मंशा भारतीय सेना के ब्रिगेड को नष्ट करने की थी. भारत की तरफ से अमेरिका के रक्षा विभाग को भी AMRAAN के टुकड़े को सबूत के तौर पर पेश किया गया है.



loading...