सीरिया में अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने दागी मिसाइलें, रूस बोला- पुतिन का अपमान बर्दाश्त नहीं

ऑस्ट्रेलिया में स्ट्रॉबेरी को खाने से डर रहे है लोग, 6 राज्यों में रुकी बिक्री, जानिए- क्या हैं कारण

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पीएम मोदी को लिखा खत, फिर से शुरू करना चाहते हैं शांति वार्ता

भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद नवाज शरीफ, बेटी और दामाद को बड़ी राहत, इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने सजा पर लगाई रोक

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में लोग अपने पसंदीदी फल स्ट्रॉबेरी को खाने से डर रहे हैं जानिए- क्या हैं कारण

जर्मनी में दौड़ने लगी पानी से चलने वाली ट्रेन, धुएं की जगह निकलता है भाप और पानी

ऑस्ट्रेलिया में राष्ट्रगान के समय 9 साल की बच्ची खड़ी नहीं हुई तो नेताओं ने स्कूल से निकालने की बात कही

2018-04-14_us54.jpg

सीरिया में केमिकल हमले के जवाब में मिसाइल हमले शुरू हो गए हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया पर मिसाइल हमले का आदेश दिया है. इस कार्रवाई में अमेरिका के साथ फ्रांस और ब्रिटेन भी शामिल है. सीरिया की राजधानी दमिश्क के पास धमाकों की आवाजें सुनाई दी हैं.

सीरिया पर अमेरिका , फ्रांस और ब्रिटेन ने संयुक्त हमला किया है. मिसाइल हमलों के बाद सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने ट्वीट कर कहा कि अच्छी आत्माओं को दबाया नहीं जा सकता है. सीरिया के कस्बे दूमा में हुए केमिकल हमले की प्रतिक्रिया के रूप में यह हमले किये गए हैं. 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के नाम दिये संबोधन में कहा है कि फ्रांस और यूके की सेनाओं के साथ सशस्त्र ऑपरेशन चल रहा है. उन्होंने कहा कि सीरिया की सरकार के रासायनिक हथियार बनाने के ठिकानों पर हमले के आदेश दिये गए हैं. हमारा उद्देश्य केमिकल हथियारों के प्रयोग पर अंकुश लगाना है. ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के बारे में कहा कि यह किसी इंसान के नहीं बल्कि शैतान के अपराध हैं. 

आपको बता दें कि पिछले हफ्ते सीरिया के डूमा में केमिकल हमला हुआ था जिसकी चपेट में 500 लोग आ गए थे. ट्रंप ने इस हमले का आरोप सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद पर लगाया था. वहीं ब्रिटेन की पीएम टेरीजा मे ने भी सीरिया पर हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि हमारे पास शक्ति प्रयोग के अलावा कोई और विकल्प नहीं था. उन्होंने कहा कि इस हमले का मकसद सत्ता परिवर्तन नहीं है. हालांकि अब रूस ने सीरिया पर हुए हमले के विरोध में कड़ा रुख अख्तियार किया है. अमेरिका में रूसी दूतावास ने कहा कि व्लादीमीर पुतिन का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.



loading...