नगदी को लेकर कांग्रेस पर छाया संकट, चुनाव लड़ने के लिए क्राउड फंडिंग सहारा

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देश में नगदी को लेकर पिछले 2 साल से कई बार दिक्कत हुई है. लेकिन पहली बार ऐसा मामला सामने आया है. जिसमें किसी पार्टी को नगदी के कारण दिक्कत हो रही है. देश की प्रमुख और विपक्षी पार्टी कांग्रेस इस समय वित्तीय तौर पर बुरे दौर से [गुजर|निकल} रही है. पार्टी के पास नगदी की दिक्कत है. जिसके लिए पार्टी ने अपने कई खर्चों में भी कटौती की है. इसके साथ ही पार्टी 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए क्राउड फंडिंग का सहारा ले रही है.

कांग्रेस पार्टी ने पिछले 5 महीनों से देश के विभिन्न राज्यों में भेजे जाने वाले फंड पर रोक लगा रखी है, जिसका उपयोग रोजाना के खर्चों को पूरा करने में किया जाता है। अब पार्टी ने अपने सभी सदस्यों से कहा है कि वो खर्चों में कटौती करें और सदस्यों से ज्यादा से ज्यादा दान लें. कांग्रेस को यह दिक्कत इसलिए हो रही है क्योंकि देश के ज्यादातर राज्यों में भाजपा/एनडीए की सरकार है. जिसकी वजह से कांग्रेस को कंपनियों की तरफ से मिलने वाला चंदा आना बंद हो गया है.

कांग्रेस की राज्यों में सरकार नहीं होने के कारण अब बड़े उद्योगपतियों ने भी पार्टी से किनारा कर लिया है। कांग्रेस के पास उतना भी पैसा नहीं बचा है, जितना अन्य दलों के पास है, जिनकी कुछ राज्यों में सरकारें हैं.



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