दीपिका पादुकोण बोलीं, पद्मावती की रिलीज को कोई रोक नहीं सकता, स्वामी का पलटवार

2017-11-14_Padmavati-Row-deepika.jpg

एक दशक पहले दीपिका पादुकोण ने जब बॉलीवुड में आगाज किया था तो उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह एक दिन संजय लीला भंसाली की फिल्मों में हीरोइन बनेंगी. अब संजय लीला भंसाली के साथ की अपनी तीसरी फिल्म ‘पद्मावती’ की रिलीज का इंतजार कर रहीं अभनेत्री को पूर भरोसा है कि फिल्म विवादों से उबर कर सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी और मनोरंजन उद्योग के लिए एक ‘बड़ी लड़ाई’ जीतेगी. इस फिल्म में दीपिका राजपूतनी रानी पद्मावती की भूमिका में हैं.

पद्मावती' की रिलीज को लेकर छिड़े विवाद के बीच एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने फिल्म के समर्थन में अपना पक्ष रखा तो बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने उनके भारतीय होने पर ही सवालिया निशान खड़ा कर दिया.

दरअसल, फिल्म की रिलीज के पहले मचे बवाल पर अभिनेत्री ने कहा, “यह भयावह है, यह बिल्कुल भयावह है. इससे हमें क्या मिला? और एक राष्ट्र के रूप में हम कहां पहुंच गए हैं? हम आगे बढ़ने के बदले पीछे हुए हैं.”

उन्होंने कहा, “हमारी जवाबदेही सिर्फ सेंसरबोर्ड के प्रति है और मैं जनाती हूं और मेरा मानना है कि फिल्म को रिलीज होने से कुछ भी नहीं रोक सकता.” उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग से मिल रहा समर्थन इस बात का प्रतीक है कि यह सिर्फ ‘पद्मावती’ के बारे में नहीं है, बल्कि यह फिल्म उद्योग एक बड़ी लड़ाई लड़ रहा है.

इसके बाद बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने दीपिका की डच नागरिकता का हवाला देते हुए उन पर निशाना साधा है. बकौल स्वामी, 'आखिर दीपिका पादुकोण कैसे हमारी निंदा कर सकती हैं, जबकि वह भारतीय भी नहीं हैं. स्वामी ने ट्वीट कर कहा, 'अभिनेत्री दीपिका पादुकोण हमें पिछड़ेपन को लेकर लेक्चर दे रही हैं! यह देश तभी विकास कर सकता है, जब उनकी नजर में वह पीछे जा रहा हो'.

आपको बता दें कि कुछ हिंदुवादी संगठनों ने फिल्म के डायरेक्टर संजय लीला भंसाली पर फिल्म की कहानी को तोड़मरोड़कर पेश करने और रानी पद्मावती के साथ अलाउद्दीन खिलजी के लव मेकिंग सीन्स फिल्माने का आरोप लगाया है. जिसके बाद से ही ये सारा विवाद शुरू हुआ.



loading...