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धोखाधड़ी के मामले में कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

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तेलंगाना के खम्मम के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है. अदालत ने वारंट तब जारी किया जब रेणुका ने उन्हें जारी हुए नोटिस को स्वीकार करने से मना कर दिया और मामले की सुनवाई के दौरान पेश नहीं हुई. रेणुका पर आपराधिक मामला चल रहा है. उनपर चार वर्ष पहले धोखाधड़ी करने का आरोप लगा था. इसी मामले में वारंट जारी किया गया है.

रेणुका चौधरी पर भुकिया राम चंद्र की पत्नी बी कलावती ने मामला दर्ज कराया है. उनपर आरोप है कि उन्होंने नाइक से वादा किया था कि वह उन्हें वायरा विधानसभा सीट से टिकट दिलाएंगी. इसकी एवज में उन्होंने उनसे अलग-अलग किश्तों में कथित तौर पर 1.20 करोड़ रुपये लिए थे. जब नाइक को टिकट नहीं मिला तो चौधरी ने उन्हें पैसे वापस करने से भी मना कर दिया. पूर्व मंत्री द्वारा धोखाधड़ी किए जाने की वजह से रामजी नाइक अवसाद में चले गए और उनकी 14 अक्तूबर 2014 को मौत हो गई.

रेणुका चौधरी ने जब उनके पैसे वापस नहीं किए तो नाइक की पत्नी ने खम्मम जिले की अदालत में मामला दर्ज कराया. कांग्रेस नेता कथित तौर पर अदालत के समन प्राप्त करने से इनकार कर दिया और किसी भी सुनवाई में हाजिर नहीं हुईं. 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने खम्मम लोकसभा सीट से चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया था. मगर वह यहां जीत दर्ज करने में असफल रहीं. उन्हें तेलंगाना राष्ट्र समिति के उम्मीदवार नामा नागेश्वर राव ने 168062 वोटों से हराया था.



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