ताज़ा खबर

बिहार: सीएम नीतीश कुमार ने बाढ़ की स्थिति पर विधानसभा में रखी रिपोर्ट, विपक्ष ने की नारेबाजी

2019-07-16_BIharFlood.jpg

बिहार के लगभग 10 जिलों में भीषण बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को विधानसभा में स्टेटस रिपोर्ट पेश की. सीएम ने विधानसभा को जानकारी दी कि बाढ़ से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 26 टीमें विभिन्न जिलों में लगाई गई हैं. इन टीमों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से अभी तक सवा लाख से ज्यादा लोगों को निकाला है या उनकी जान बचाई है. इसके उलट विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल राजद के कई विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नेतृत्व में बाढ़ को लेकर किए जा रहे तमाम सरकारी प्रयासों को नाकाफी बताते हुए विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया. इस दौरान राजद विधायकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए. ये विधायक ‘लगे बांध में लाख, करोड़, निगल गए सरकारी चोर’ और ‘बांध के नाम पर निकली राशि, खा गई चूहा, बची न राशि’ जैसे नारे लिखे पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे थे.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि बाढ़ के कारण बिहार के कई जिलों में अभी तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है. उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में सरकारी स्तर पर सभी इंतजामात किए जा रहे हैं. प्रभावित इलाकों में फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार काम कर रही हैं. राहत एवं बचाव कार्य, जहां तक मुमकिन है, किए जा रहे हैं. 

मुख्यमंत्री ने विधानसभा के सदस्यों को जानकारी देते हुए बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में 199 राहत एवं बचाव शिविर बनाए गए हैं. वहीं, 676 सामुदायिक रसोई घर में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए खाना पहुंचाने का इंतजाम किया गया है. नीतीश कुमार ने कहा कि राहत एवं बचाव शिविर लगाने की अगर और भी जरूरत पड़ती है, तो सरकार वह भी करेगी. जल्द ही और शिविर लगाए जाएंगे. साथ ही सामुदायिक रसोई घरों की संख्या में भी बढ़ोतरी की जाएगी.

राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे पार्टी विधायक, बाढ़ राहत कार्यों में लापरवाही और नाकाफी इंतजाम को लेकर आक्रोश जता रहे थे. बिहार विधानसभा के बाहर नेतृत्व कर रहे विधायकों ने सरकार पर बाढ़ राहत को लेकर लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया. 

इन विधायकों ने राज्य सरकार से मांग की कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत कार्य तेज किए जाएं और आपदा में फंसे लोगों को सरकारी सहायता मुहैया कराई जाए. आपको बता दें कि रविवार की रात से ही मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधेपुरा, सुपौल सहित बिहार के कई जिलों में विभिन्न नदियों की बाढ़ से आम जनजीवन प्रभावित है. बिहार सरकार के मुताबिक राज्य की कई नदियों- गंडक, बागमती, कमला, घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है.


 



loading...