अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए सरकार ने 28 दिन में लिए 5 बड़े फैसले

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अर्थव्यवस्था को तेजी देने के लिए सरकार ने 28 दिन के भीतर 5 बड़े कदम उठाए. इस शृंखला में वित्त मंत्रालय ने सबसे बड़े फैसले की शुक्रवार को घोषणा की. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि घरेलू और नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स घटाया जाएगा. सरकार के फैसले का असर यह होगा कि नई दरों के हिसाब से कंपनियों की टैक्स देनदारी करीब 10% घट जाएगी. सुधार के इन कदमों की शुरुआत 23 अगस्त को हुई थी, जब सरकार ने घरेलू और विदेशी निवेशकों को राहत देते हुए टैक्स सरचार्ज में बढ़ोतरी वापस ली थी.

23 अगस्त को सीतारमण ने विदेशी और घरेलू निवेशकों पर सरचार्ज बढ़ोतरी का फैसला वापस लेने की घोषणा की थी. यह फैसला मौजूदा वित्त वर्ष से लागू होगा. इसी दिन बैंकों के पूंजीकरण के लिए 70,000 की रकम देने, आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती का फायदा ग्राहकों को तुरंत देने, ऑटो सेक्टर के लिए 31 मार्च 2020 तक खरीदे गए बीएस-IV वाहन रजिस्ट्रेशन की पूरी अवधि के लिए वैध करने की घोषणा की गई. करदाताओं को परेशान करने वाली घटनाओं को रोकने के लिए विजयादशमी से इनकम टैक्स असेसमेंट फेसलेस करने का ऐलान किया. इसके तहत टैक्स संबंधी नोटिस कंप्यूटराइज्ड सिस्टम से ही जारी होगा. कंप्यूटर जेनरेटेड यूनिक डॉक्यूमेंट आईडेंटिफिकेशन नंबर के बिना कोई भी कम्युनिकेशन वैध नहीं माना जाएगा.

वित्त मंत्रालय ने 28 अगस्त को अर्थव्यवस्था से जुड़ी दूसरी घोषणा की. सीतारमण ने कोयला खनन और कॉन्ट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरिंग में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी दे दी. चीनी के निर्यात पर 6,268 करोड़ की सब्सिडी का ऐलान भी किया. डिजिटल मीडिया में प्रिंट मीडिया की तरह 26% एफडीआई को मंजूरी दे दी. सरकार ने सिंगल ब्रांड रिटेल में एफडीआई से नियमों में भी ढील देने का फैसला किया है. वित्त मंत्री ने बताया कि देशभर में अगले 2 साल में 75 सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे. 30 अगस्त को सरकार ने 10 सरकारी बैंकों का मर्जर करने की घोषणा की. इस विलय से 4 बड़े बैंक बनेंगे. इनका कुल कारोबार 55.81 लाख रुपए करोड़ का होगा. 2017 में देश में 27 सरकारी बैंक थे, अब यह 12 रह जाएंगे. सरकार का मानना है कि इस फैसले से बैंकों के कर्ज देने की क्षमता बढ़ेगी और उनकी बैलेंस शीट मजबूत होगी.

19 सितंबर को वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी बैंक अगले अक्टूबर से 400 जिलों में लोन मेले आयोजित करेंगे. ये व्यवस्था नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) और रिटेल ग्राहकों के लिए होगी. इनमें घर खरीदार और किसान भी शामिल होंगे. 3 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक पहले चरण में 200 जिले कवर किए जाएंगे. दूसरे चरण में बाकी 200 जिले 11 अक्टूबर के बाद कवर किए जाएंगे. फेस्टिवल सीजन में ज्यादा से ज्यादा कर्ज वितरण सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 सितंबर को गोवा में जीएसटी काउंसिल की बैठक से पहले कहा- घरेलू कंपनियों और नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए अध्यादेश के जरिए कॉर्पोरेट टैक्स घटाया जाएगा. घरेलू कंपनियां अगर अन्य कोई छूट नहीं लेती हैं तो उन्हें सिर्फ 22% टैक्स देना होगा. सरचार्ज और सेस मिलाकर प्रभावी टैक्स दर 25.17% होगी. कॉर्पोरेट टैक्स की मौजूदा दर 30% है. सेस और सरचार्ज मिलाकर 34.94% टैक्स लगता है. यानी नई दरों के मुताबिक कंपनियों की टैक्स देनदारी करीब 10% घट जाएगी.



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