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निर्भया केस: दोषियों की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज, फांसी की सजा बरकरार या मिलेगी राहत

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सुप्रीम कोर्ट निर्भया गैंगरेप और मर्डर मामले में दोषियों की रिव्यू पिटिशन पर आज सोमवार को फैसला सुनाएगी. कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप और मर्डर के चारों दोषियों को पिछले साल 5 मई को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसके बाद इन दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दाखिल की थी. निर्भया के पिता ने बताया कि उन्हें न्याय की पूरी उम्मीद है. उन्होंने कहा कि निर्भया देश की बेटी थी और देश को इस फैसले का इंतजार है.

बचाव पक्ष के वकील एपी सिंह ने बताया कि पवन और विनय की ओर से उनकी रिव्यू पिटिशन पर दलील पूरी हो चुकी थी, लेकिन अक्षय की ओर से रिव्यू पिटिशन बाद में दाखिल की गई जिस कारण उस पर दलील नहीं हो पाई है और दलील पेश किया जाना बाकी है. वहीं मुकेश की ओर से उनके वकील एमएल शर्मा ने रिव्यू पिटिशन दाखिल कर दलील पेश कर चुके हैं. सरकारी वकील ने दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखने की गुहार लगाई है. एपी सिंह ने बताया कि अक्षय की ओर से दलील पेश किया जाना बाकी रह गया है, क्योंकि उसकी तरफ से सबसे आखिर में अर्जी दाखिल की गई. कोर्ट ने तीन दोषियों की रिव्यू पिटिशन पर सुनवाई के बाद 4 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था.

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस आर. भानुमति की बेंच सोमवार को निर्भया गैंगरेप और मर्डर में फांसी की सजा पाए दोषियों की अर्जी पर फैसला सुनाएगी.

निर्भया गैंगरेप और मर्डर मामले में कोर्ट ने चारों मुजरिमों पवन, अक्षय, विनय और मुकेश की फांसी की सजा को पिछले साल 5 मई को बरकरार रखा था. कोर्ट ने कहा था कि ये मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर की श्रेणी में आता है. अदालत ने कहा था कि पीड़िता ने मरने से पहले जो बयान दिया, वे बेहद अहम और पुख्ता साक्ष्य हैं. इस मामले ने देश भर में सदमे की सुनामी ला दी थी. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली बेंच ने चारों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसके बाद इन दोषियों ने एक-एक कर रिव्यू पिटिशन दाखिल की थी. नियम के तहत रिव्यू पिटिशन की ओपन कोर्ट में सुनवाई हुई और सुनवाई के बाद 4 मई 2018 को अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया.



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