हिमाचल प्रदेश में ग्लेशियर पर गए नौ ट्रैकर लापता, बर्फ़बारी होने से प्रशासन से टूटा संपर्क

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हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल स्पीति में ग्लेशियर में रिसर्च करने आए बंगाल के ट्रैकरों के लिए सीजन की बर्फबारी आफत लेकर आई है. लाहौल जिला मुख्यालय केलांग से ठीक सामने 6001 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गंगस्टांग ग्लेशियर में रिसर्च करने गए बंगाल के नौ ट्रैकर ताजा बर्फबारी के बाद लापता हो गए हैं.
बर्फबारी के बाद इन ट्रैकरों का कोई पता नहीं चल पा रहा है. ऐसे में ऊंचाई पर हुई भारी बर्फबारी के बाद किसी हादसे की आशंका जताई जा रही है. लाहौल में इंटरनेट व दूरसंचार सेवा ठप होने से इन ट्रैकरों से जिला प्रशासन भी संपर्क नहीं कर पा रहा है.

बताया जा रहा है कि 7 सितंबर को बंगाल के अभिषेक दास (टीम लीडर) के साथ तपन मुखर्जी, राजीव सन्याल, एसनागराज पाई, अरूण दास, मिस रूपमादास, बुद्धदेव दास, सुब्रता दत्ता, अनिश प्रमानिक इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन की अनुमति लेकर गंगस्टांग ग्लेशियर पर ग्लेशियरों से संबंधित रिसर्च करने आए थे. इनका रिसर्च अभियान 1 अक्तूबर को समाप्त होना था. लेकिन दो दिनों से लाहौल में हुई लगातार बर्फबारी से ट्रैकर लापता हो गए हैं. इनको लेकर अभी तक कोई भी जानकारी प्रशासन को नहीं मिल पाई है. बरहाल प्रशासन भी ट्रैकरों के लिए तलाशी अभियान को मौसम साफ होने के बाद ही शुरू कर पाएगा.

इस संबंध में एसडीएम केलांग अमर नेगी ने कहा कि दूरसंचार सेवा इंटरनेट ठप होने से प्रशासन को संपर्क करने में मुश्किलें आ रही हैं. गंगस्टांग ग्लेशियर में गए बंगाल के नौ ट्रैकरों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है.



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