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चीन की ऐतिहासिक दीवार का कुछ हिस्सा कई हफ्तों से हो रही बारिश में ढह गया. यलो रिवर के पास हो रहे निर्माण को भी इसकी वजह बताया जा रहा है. यह नुकसान शांक्सी प्रांत के दाई काउंटी स्थित यानमेन प्रवेश द्वार पर हुआ. इसे मिंग राजवंश (1368-1644) के समय बनाया गया था. यह स्थान 22 जुलाई से पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया. 

चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ न्यूज के मुताबिक, 500 साल से यानमेन बिना किसी सहारे के खड़ा रहा. इसकी मरम्मत 2016 में की गई थी. कुछ जानकारों का कहना है कि मरम्मत कराने से दीवार का ढांचा और कमजोर हो रहा है. हालांकि, पर्यटन विभाग ने मरम्मत के लिए तैयारी शुरू कर दी है. मरम्मत में काफी दिक्कत हो रही है, क्योंकि यह जगह खड़ी चट्‌टान पर स्थित है. भारी वाहन यहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. वहीं, खराब मौसम भी काफी परेशान कर रहा है.

चीन की इस दीवार को यूनेस्को ने 1987 में विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया. करीब 21 हजार 200 किलोमीटर में फैली यह ऐतिहासिक विरासत देश के 15 प्रांतों से गुजरती है. शिन्हुआ के मुताबिक, बीजिंग स्थित ‘द बैडेलिंग ग्रेट वॉल’ पॉइंट इस दीवार का सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला हिस्सा है. यहां रोजाना करीब 20 हजार सैलानी आते हैं. चीन सरकार पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के इरादे से दीवार के कई हिस्सों में पुनर्निर्माण करा रही है.



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