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नवरात्रि के सातवें दिन होती है मां कालरात्रि की आराधना, जानिये- कैसे करें पूजा-अर्चना

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नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होती है. हर स्वरूप का अलग महत्व है. नवरात्रि के सातवें दिन है मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना होती  है. आज मंगलवार यानि कि 16 अक्टूबर को मां कालरात्रि की पूजा होगी.

कालरात्रि माँ का अति भयावह व उग्र रूप है. सम्पूर्ण सृष्टि में इस रूप से अधिक भयावह और कोई दूसरा नहीं. किन्तु तब भी यह रूप मातृत्व को समर्पित है. देवी माँ का यह रूप ज्ञान और वैराग्य प्रदान करता है. मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है, इनका वर्ण अंधकार की भांति काला और केश बिखरे हैं. मां कालरात्रि के तीन नेत्र ब्रह्मांड की तरह विशाल व गोल हैं, जिनमें से बिजली की भांति किरणें निकलती रहती हैं. मां का यह भय उत्पन्न करने वाला स्वरूप केवल पापियों का नाश करने के लिए है, अपने भक्तों पर मां स्नेह की वर्षा करती हैं.

कालरात्रि की पूजा विधि-

पूजा विधान में शास्त्रों में जैसा लिखा हुआ है उसके अनुसार पहले कलश की पूजा करनी चाहिए. फिर नवग्रह, दशदिक्पाल, देवी के परिवार में उपस्थित देवी देवता की पूजा करनी चाहिए फिर मां कालरात्रि की पूजा करनी चाहिए. देवी की पूजा से पहले उनका ध्यान करना चाहिए. दुर्गा पूजा का सातवां दिन तांत्रिक क्रिया की साधना करने वाले भक्तों के लिए अति महत्वपूर्ण होता है. सप्तमी पूजा के दिन तंत्र साधना करने वाले साधक मध्य रात्रि में देवी की तांत्रिक विधि से पूजा करते हैं. इस दिन मां की आंखें खुलती हैं. षष्ठी पूजा के दिन जिस विल्व को आमंत्रित किया जाता है उसे आज तोड़कर लाया जाता है और उससे मां की आंखें बनती हैं. दुर्गा पूजा में सप्तमी तिथि का काफी महत्व बताया गया है.

मंत्र: 
ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तु ते।।
जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतार्तिहारिणि।
जय सर्वगते देवि कालरात्रि नमोस्तु ते।।

खास उपाय-
अगर आप जीवन में किसी वजह से परेशान हैं और वह परेशानी कम नहीं हो रही है तो आज किया गया यह उपाय आपको सभी कष्टों और शत्रुओं से छुटकारा दिला सकता है. जानिये क्या करना होगा. धूप और दीप जलाकर मां को लाल चुनरी चढ़ाएं और फूल, फल व सभी प्रसाद चढ़ा दें. इसके बाद मां को लाल तिकोना झंडा अर्पित करें और उसे अपने छत पर फहरा दें. यदि आप शत्रुओं पर विजय हासिल करना चाहते हैं तो आज माता को चांदी से बना त्रिशूल चढ़ाएं और उसे अपने पास रख लें. ऐसा करने के बाद आपको अपने शत्रुओं से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा.



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