नया कीर्तिमान बनाने को तैयार जलपरी, 570 किलोमीटर का सफ़र तयकर पार करेगी गंगा मैया को

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वाकई में बेटियां तो हैं लम्हा ख़ुशी का. इस बेटी को देखकर तो यही कहा जाएगा. अभी रियो ओलिंपिक में बेटियों ने देश का नाम रोशन किया और पदक लाकर भारत की झोली का सूनापन खत्म किया. वहीँ एक ऐसी भी बेटी है जो बहुत कम उम्र में एक नया कीर्तिमान रचने जा रही है. 12 वर्षीय श्रद्धा शुक्ला कानपुर की रहने वाली है. जलपरी के नाम से मशहूर ये नन्ही परी गंगा की लहरों की परवाह किए बगैर 570 किलोमीटर का जल सफर पूरा करने वाली है. रविवार को मैस्कर घाट से बनारस के जल सफर के लिए रवाना हुई.

पूर्व मंत्री राजपाल कश्यप ने तिरंगा दिखाकर इस सफ़र का आगाज़ किया. हर किसी की जुबान पर श्रद्धा और गंगा मां का नाम ही छाया हुआ था. श्रद्धा ने इससे पहले भी तैराकी में कई रिकॉर्ड बनाए हैं. इसमें 2010 में 6 वर्ष की उम्र के दौरान शुक्लागंज से अग्रसेन व्यायामशाला तक 6 किमी. गंगा में तैराकी की. 2011 में शुक्लागंज से जाजमऊ तक 7 किमी. तैराकी की. 2012 में गंगाबैराज से मैस्कर घाट तक 10 किमी. का सफर तय किया. 2013 में सरसैय्या घाट से सिद्धनाथ घाट तक 16 किमी. तैरकर रिकॉर्ड बनाया. 25 मार्च 2014 को कानपुर से इलाहाबाद तक 280 किमी. का रिकॉर्ड बनाया था. कमाल की बात है जैसे-जैसे जलपरी बड़ी होती जा रही है वैसे-वैसे उसमें साहस और संकल्प बढ़ता जा रहा है.

हालांकि इन दिनों बारिश के कारण गंगा नदी उफान पर है. ऐसे में जलपरी श्रद्धा को तैराकी में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन वह खिलाड़ी ही क्या जो मुश्किलों से हार जाए. जलपरी के इस कारनामे को देखकर लग रहा है एक दिन ओलिंपिक में तैराकी के लिए गोल्ड मैडल ज़रूर आएगा.
 



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