Movie Review: स्त्री

2018-08-31_stree-movie-review.jpg

प्रोड्यूसर: दिनेश विजन, डीके
डायरेक्टर: अमर कौशिक
स्टार कास्ट: राजकुमार राव, श्रद्धा कपूर, अपारशक्ति खुराना, पंकज त्रिपाठी, अभिषेक बनर्जी
म्यूजिक डायरेक्टर: सचिन-जिगर
रेटिंग ***1/2

बॉलीवुड सिनेमा में यूं तो हॉरर कॉमेडी फिल्मों की गिनती कुछ ज्यादा नहीं रही है। 'भूलभूलैया' और 'गोलमाल अगेन' जैसी फिल्मों को छोड़ दें तो दर्शकों के बीच हॉरर कॉमेडी फिल्मों को अच्छा रिस्पॉन्स भी नहीं मिला है लेकिन राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर की रिलीज हुई हॉरर कॉमेडी फिल्म 'स्त्री' आपको कई मायनों में अलग लग सकती है। बीते दिनों 'स्त्री' का जब ट्रेलर रिलीज हुआ था तो उसको दर्शकों की अच्छी-खासी प्रतिक्रिया मिली थी।

कहानी: फिल्म की कहानी मध्य प्रदेश के चंदेरी की है जहां विक्की(राज कुमारराव) एक लोकल टेलर है। अपने काम में एक्सपर्ट विक्की महिलाओं का नाप लिए बिना ही उन्हें देखकर उनके साइज के कपड़े सिल देता है। इसी वजह से उसे चंदेरी का मनीष मल्होत्रा कहा जाता है। विक्की के अलावा चंदेरी में स्त्री नाम की एक चुड़ैल के चलते फेमस है। ये चुड़ैल घर का दरवाजा खटखटाती है और आदमियों को उठा ले जाती है। ऐसे में गांववाले स्त्री के बचने का एक रास्ता निकालते हैं और अपने घरों के बाहर चमगादड़ और गोमूत्र की स्याही बनाकर- 'ओ स्त्री कल आना' लिख देते हैं। हर साल यहां गांव में चार दिन का पूजा फेस्टिवल होता है। विक्की अपने दोस्त बिट्टू (अपारशक्ति खुराना) और जना (अभिषेक बनर्जी) के साथ रहता है। इस दौरान विक्की की मुलाकात श्रद्धा कपूर से होती है, जो केवल पूजा की चार रात ही गांव में रहती है। इन्हीं चार रातों में गांव के अंदर स्त्री का कहर बढ़ जाता है ऐसे में उसके दोस्त विक्की को बताते हैं कि उसकी गर्लफ्रेंड भूतिया है। तभी चंदेरी के रहने वाला रुद्र (पंकज त्रिपाठी) इन दोस्तों को चंदेरी पुराण के जरिेए स्त्री और उसके पीछे की सच्चाई के बारे में बताता है। अब क्या सच में श्रद्धा कपूर ही स्त्री है? स्त्री का रहस्य क्या है? इसके अलावा विक्की कैसे अपने दोस्त और दूसरे गांववालों को स्त्री के कहर से बचाता है। यही सब सवालों के जवाब आपको फिल्म में मिलेंगे।

फिल्म का म्यूजिक: स्त्री का म्यूजिक भी सिनेमा हॉल में आपके मनोरंजन को बरकरार रखने में पूरा साथ देता है। फिल्म में सचिन-जिगर के संगीत में पिरोए गए 'कमरिया', 'मिलेगी मिलेगी' और 'आओ कभी हवेली' जैसे बेहतरीन गाने भी 'स्त्री' की रिलीज से पहले ही सुपरहिट हो चुके हैं।

अभिनय: अगर फिल्म में एक्टिंग की बात करें तो, राज कुमार राव ने हमेशा की तरह फिल्म में बेहतरीन एक्टिंग की है। विक्की का कैरेक्टर में वे इस तरह घुसे हैं जैसे सालों से चंदेरी में ही रहते आ रहे हों। रूद्र के कैरेक्टर में पंकज त्रिपाठी ने भी अपने रोल के साथ पूरा न्याय किया है। रूद्र फिल्म में एक बुक शॉपकीपर और हाफ भूत एक्सपर्ट के रोल में हैं। वहीं दोस्त बनें अपारशक्ति खुराना और अभिषेक बनर्जी ने राजकुमार राव को शानदार सपोर्ट किया है। श्रद्धा कपूर फिल्म के काफी खूबसूरत दिखी हैं। फिल्म में बैकग्राउंड स्कोर देने वाले केतन सोधा और एडिटिंग करने वाले हेमंत सरकार ने बेहतरीन काम किया है। इस लिहाज से देखा जाए तो स्त्री को आप एक बार देख सकते हैं।

निर्देशन: फिल्म 'स्त्री' बतौर डायरेक्टर अमर कौशिक की पहली फिल्म है। पहली फिल्म की नजर से देंखे तो अमर कौशिक ने बेहद शानदार काम किया है। 'स्त्री' की मजबूत कहानी आपको कहीं भी बोर नहीं होने देती है। फिल्म को देखकर यह बिल्कुल भी नहीं कहा जा सकता है कि किसी नए डायरेक्टर की यह पहली फिल्म है। वहीं 'स्त्री' में सुमित अरोड़ा के लिखे 'फर्स्ट टाइम देखा तुझे लव हो गया, सेकेंड टाइम में सब हो गया' जैसे शानदार डायलॉग्स भी आपको हंसने के लिए मजबूर कर देते हैं। 

बैकग्राउंड स्कोर भी फिल्म का काफी दमदार है जो सिनेमा हॉल की सीट पर बैठे आपके अंदर एक पल के लिए डर पैदा कर देता है। कुल मिलाकर अगर एक अच्छी हॉरर कॉमेडी फिल्म का आप बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं तो यह फिल्म आपके लिए पैसा वसूल हो सकती है।



loading...