Movie Review: परी

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प्रोड्यूसर: अनुष्का शर्मा, कारनेश शर्मा, प्रेरणा अरोड़ा और अर्जुन एन. कपूर
डायरेक्टर: प्रोसित रॉय
स्टार कास्ट: अनुष्का शर्मा, परमब्रता चटर्जी, रिताभरी चक्रवर्ती, रजत कपूर
म्यूजिक डायरेक्टर: अनुपम रॉय
रेटिंग **1/2

अनुष्का शर्मा के होम प्रोडक्शन में बनी फिल्म तीसरी फिल्म 'परी' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म को प्रोसित रॉय ने डायरेक्ट किया है और अनुष्का के साथ परमब्रता चटर्जी, रजत कपूर और रिताभरी चक्रवर्ती इसमें अहम भूमिका निभा रही हैं। शादी के बाद यह अनुष्का शर्मा की पहली फिल्म है।

कहानी: अर्नब (परमब्रता चटर्जी) पियाली (रिताभारी चक्रवर्ती) से मुलाकात के बाद पेरेंट्स के साथ घर की ओर लौटते हैं। रास्ते में उनके साथ एक सड़क हादसा होता है और एक अजीब सी घटना के तहत अर्नब की मुलाकात बेड़ियों में जकड़ी रुखसाना खातून (अनुष्का शर्मा) से होती है। किसी कारण अर्नव रुखसाना को अपने उस घर में ले जाते हैं, जहां वे पेरेंट्स से अलग रह रहे होते हैं। कहानी में ट्विस्ट तब आता है,जब हासिम अली (रजत कपूर) की एंट्री होती है। इसके बाद कई रहस्यों से पर्दा उठता है। क्या है रुखसाना की कहानी? रुखसाना को अपने घर ले जाने के बाद अर्नब की लाइफ में क्या-क्या होता है और आखिर इस कहानी का अंजाम क्या होता है? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

फिल्म का म्यूजिक: फिल्म का म्यूजिक अनुपम रॉय और बैकग्राउंड स्कोर केतन सोभा ने दिया है। कहानी के लिहाज से संगीत ठीक है। लेकिन ऐसा कोई भी गाना फिल्म में नहीं है, जिसे गुनगुनाया जा सके या याद रखा जा सके।

अभिनय: अगर फिल्म में एक्टिंग की बात करें तो, अनुष्का शर्मा ने अपने किरदार को जबर्दस्त तरीके से निभाया है। अगर यह कहा जाए कि यह उनके करियर का बेस्ट परफ़ॉर्मेंस है, तो गलत नहीं होगा। परमब्रता चटर्जी ने भी किरदार के साथ न्याय किया है। हालांकि, उनकी मंगेतर का रोल करने वाली रिताभरी चक्रवर्ती की कोई जरूरत कहानी में नजर नहीं आती। ऐसा लगता है, जैसे उनका किरदार जबर्दस्ती फिल्म में ठूंसा गया है। उनकी एक्टिंग भी कोई खास इम्पैक्ट नहीं छोड़ती है। रजत कपूर अपने किरदार में फिट बैठे हैं।

निर्देशन: प्रोसित रॉय ने फिल्म की कहानी पर जबर्दस्त काम किया है। फिल्म के डरावने सीन्स को डायरेक्टर इस खूबी के साथ पेश किया है कि आपको हिलाकर रख देते हैं। डायलॉग जबर्दस्त हैं। टीजर की तरह फिल्म भी ऑडियंस को सरप्राइज करती है। हालांकि, दूसरी हॉरर फिल्मों की तरह इसमें भी साउंड इफेक्ट से डराने की कोशिश की गई है। अनुष्का का किरदार डराता कम है, लेकिन डिस्टर्ब जरूर करता है। फिल्म का पहला हाफ आपको बांधे रखता है। इसके साउंड इफेक्ट आपको शॉक करते हैं। लेकिन सेकंड हाफ निराश करता है।

अगर आप लंबे समय से किसी हॉरर फिल्म का इंतजार कर रहे हैं तो एक बार आप यह फिल्म देख सकते हैं। हालांकि, इसे A सर्टिफिकेट मिला हुआ है। यानी कि सिर्फ 18 साल या उसके ऊपर के लोग ही इसे देख सकते हैं।



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