Movie Review: फोर्स 2

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प्रोड्यूसर : विपुल अमृतलाल शाह, जॉन अब्राहम, वॉयकॉम मोशन पिक्चर्स 
डायरेक्टर : अभिनय देओ
स्टार कास्ट : जॉन अब्राहम, सोनाक्षी सिन्हा, ताहिर भसीन, नरेन्द्र झा, आदिल हुसैन, फ्रेडी दारूवाला
म्यूजिक डायरेक्टर : अमाल मलिक
रेटिंग ***

किसी भी फिल्म का असली हीरो उसकी कहानी होती है। अगर फिल्म की कहानी दमदार हो तो बज्ज बनाने के लिए किसी भी तरह की कंट्रोवर्सी की जरुरत नहीं होती। साल 2011 में आयी जॉन अब्राहम और जेनिलिया डिसूज़ा की फिल्म ‘फोर्स’ तमिल फिल्म ‘काखा काखा’ का हिंदी संस्करण थी। एक्शन और रोमांस वाली ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ख़ास धमाल नहीं मचा पायी थी बावजूद इसके जॉन अब्राहम ने ‘फोर्स’ का सीक्वल लाने का जोखिम उठाया। आज जब पुरे देश में 500 और 1000 के नोटबंदी के असर सब कोई प्रभावित है वही जॉन अब्राहम और विपुल शाह ने अपनी फिल्म ‘फोर्स’ को रिलीज करने का फैसला किया हैं। लेकिन इस बार डायरेक्टर की कुर्सी पर निशिकांत कामत नहीं बल्कि डायरेक्टर अभिनव देव को बिठा दिया। इस बार जॉन के साथ देने के लिए सोनाक्षी सिन्हा मौजूद है और विलेन के रूप में दमदार एक्टर ताहिर भसीन को लिया गया हैं।

कहानी
यह कहानी चाइना में अचानक हुई भारत के 'रॉ एजेंट्स ' की मौत से शुरू होती है। इसके पीछे का कारण पता लगाने के लिए मुंबई से इंस्पेक्टर यशवर्धन (जॉन अब्राहम) और रॉ एजेंट कमलजीत कौर उर्फ के के (सोनाक्षी सिन्हा) की टीम बुडापेस्ट जाती है। वहां दोनों की भिड़ंत संदिग्ध शिव शर्मा (ताहिर राज भसीन) से होती है। सिलसिलेवार घटनाएं होती हैं और आखिर कहानी को अंजाम मिलता है।

फिल्म का म्यूजिक
फिल्म का म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर कहानी की रफ्तार के साथ-साथ चलता है और आपको बांधे रखता है।

फिल्म का डायरेक्शन जबरदस्त है। खासतौर से एक्शन सीक्वेंस और लोकेशंस कमाल की हैं। मुश्किल सीन्स के लिए सिनेमैटोग्राफर्स की भी दाद देनी पड़ेगी| उन्होंने काफी अच्छे तरीके से फिल्म को शूट किया है। फिल्म एक एक्शन थ्रिलर है और प्लॉट ट्रेलर से हु साफ हो चुका था| इस वजह से कोई बहुत बड़ा सरप्राइज एलिमेंट सामने नहीं आता। फिल्म को और ज्यादा रहस्यमयी बनाया जा सकता था। स्क्रीनप्ले और भी बेहतर हो सकता था। खासतौर से क्लाइमेक्स फीका दिखाई पड़ता है।

जॉन अब्राहम को सबसे ज्यादा एक्शन सूट करता है और इस फिल्म में भी उन्होंने कमाल के एक्शन सीक्वेंस किए हैं। वहीं सोनाक्षी का काम भी सहज है। ताहिर राज भसीन नेगेटिव किरदार में अच्छे लग रहे हैं। बाकी कलाकारों का काम भी सटीक है

पिछली फिल्म ‘फोर्स’ की कहानी जहा मुम्बई के इर्द गिर्द घूमती है वही इस बार जॉन अब्राहम दर्शको को बुडापेस्ट की खूबसूरत लोकेशन का सैर कराते हैं । जिससे फिल्म की निखार और बढ़ जाती हैं। वैसे तो इस बार भी ‘फोर्स 2’ की कहानी में बहुत कुछ नया नहीं है, लेकिन एक्शन फिल्म के शौकीन दर्शक इसे जरूर पसंद करेंगे। कुल मिलाकर कहे तो ये फिल्म एक परफेक्ट मसाला फिल्म हैं जिसे एंटरटेनमेंट के लिहाज से जरूर देखा जाना चाहिए। 
 



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