Movie Review: फिरंगी

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प्रोड्यूसर: कपिल शर्मा
डायरेक्टर: राजीव ढिंगरा
स्टार कास्ट: कपिल शर्मा, इशिता दत्ता, मोनिका गिल, कुमुद मिश्रा, एडवर्ड सोनेंब्लिच्क, राजेश शर्मा, अंजन श्रीवास्तव, जमील खान
म्यूजिक डायरेक्टर: जतिंदर शाह
रेटिंग **1/2

डायरेक्टर राजीव ढिंगरा की फिल्म 'फिरंगी' शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस फिल्म से कॉमेडियन कपिल शर्मा बतौर प्रोड्यूसर डेब्यू कर रहे हैं। कपिल की ये दूसरी फिल्म है। इसके पहले वे 2015 में आई फिल्म 'किस किस को प्यार करूं' में नजर आए थे।

कहानी: फिल्म 'फिरंगी' की कहानी 1920 के दौर की है जब भारत पर अंग्रेजों का शासन था। ये वो दौर था जब महात्मा गांधी अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन करते हैं और विदेशी सामानों का बहिष्कार किया जा रहा था। ये कहानी मंगताराम उर्फ मंगा (कपिल शर्मा) की है, जिसे अपने आसपास हो रहे बदलाव के बारे में पता नहीं होता है। वैसे तो मंगा बेरोजगार है, लेकिन उसकी लात में काफी दम होता है। जिसकी पीठ में दर्द होता है और मंगा उसे लात मार दे तो वो ठीक हो जाता है। उसकी यहीं खूबी उसकी किस्मत चमकाती है। मंगा की तकदीर उसे ब्रिटिश ऑफिसर डेनियल के पास ले जाती है। जहां उसे पुलिस फोर्स में नौकरी करने का मौका मिलता है। इसी बीच उसकी मुलाकात सारगी (इशिता दत्ता) से होती है और धीरे-धीरे दोनों में प्यार हो जाता है। दोनों शादी करना चाहते हैं, लेकिन सारगी के दादा लालाजी (अंजन श्रीवास्तव) शादी से इंकार कर देते हैं। वे अपनी पोती की शादी ऐसे शख्स से नहीं करना चाहते, जो अंग्रेजों के यहां नौकरी करता है। डेनियल, लोकल महाराजा (कुमुद मिश्रा) के साथ मिलकर शराब की फैक्टरी खोलने का प्लान बनाता है। इसके लिेए वो सारगी के गांव को चुनता है। मंगा से गांव खाली कराने को कहा जाता है। क्या मंगा गांव खाली करवा पाता है, क्या अंग्रेज ऑफिसर शराब की फैक्टरी खोल पाता है, क्या मंगा-सारगी की शादी हो पाती है, मंगा गांववालों का साथ देता है या अंग्रेजों का? ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

फिल्म का म्यूजिक: फिल्म का म्यूजिक खास नहीं है। अभी तक ऐसा कोई गाना सुनने को नहीं मिला, जिसे याद रखा जा सके।

अभिनय: अगर फिल्म में एक्टिंग की बात करें तो, कपिल शर्मा को एक कॉमेडियन के तौर पर सभी जानते हैं। वे मंगा के रोल में बिल्कुल भी नहीं जमे। फिल्म में उन्हें देखकर ये कहा जा सकते हैं कि वे भी मंगा के रोल में खुद को फिट नहीं पा रहे हैं। वहीं अंग्रेज ऑफिसर के रोल में एडवर्ड सोंनेंब्लिच्क ओवर एक्टिंग करते दिखे। कुमुद मिश्रा ने राजा का रोल प्ले किया है जिसे किसी की परवाह नहीं होती है। इशिता अपने किरदार में ठीक रही।

निर्देशन: डायरेक्टर राजीव ढिंगरा की ये फिल्म अंग्रेजी शासनकाल के दौर की है। हालांकि, फिल्म के डायरेक्शन में बहुत ज्यादा कमी है। फिल्म बहुत ज्यादा धीमी है और उसे बेवजह 160 मिनट लंबा खींचा गया है। ढिंगरा अपने लीड स्टार्स से अच्छा काम करवाने में सफल नहीं हो पाए। कपिल शर्मा के लिए जो रोल लिखा गया है, वो उनपर सूट नहीं कर रहा है। वे भी इस रोल में कम्फर्टेबल नहीं दिखे। फिल्म के क्लाइमैक्स में ट्विस्ट दिखाया है, लेकिन इसे और बेहतर किया जा सकता था।

यदि आप कपिल शर्मा के फैन है और उन्हें कॉमेडियन के अलावा अन्य रोल में भी देखना पसंद करते हैं तो ही फिल्म देखने जाए।



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