नोएडा में Samsung की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री का पीएम मोदी और राष्ट्रपति मून ने उद्घाटन किया

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नोएडा सेक्टर 81 स्थित दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल यूनिट का उद्घाटन करने पीएम मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन मेट्रो से पहुंचे. यहां आज से चीन, दक्षिण कोरिया या अमेरिका नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फोन फैक्टरी नोएडा में होगी. सैमसंग की इस फैक्ट्री में 7 लाख मोबाइल फोन रोज बनाने की क्षमता होगी और सालाना 12 करोड़ मोबाइल फोन का निर्माण अनुमानित है. 

सैमसंग की इस फैक्ट्री का उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि जब भी मैं व्यावसायिक समुदाय में प्रतिनिधित्व की बात करता हूं तो एक चीज मैं हमेशा कहता हूं कि मुझे नहीं लगता कि भारत में कोई भी ऐसा मिडिल क्लास परिवार है जहां कोरिया का प्रोडक्ट नहीं पाया जाता. जेम मतलब गवर्नमेंट ई-मार्केट. इसके जरिए सरकार अब सीधे निर्माता से उत्पाद खरीद रही है. इससे छोटे और मध्यम उद्यमियों को फायदा हो रहा है. इससे पारदर्शिता भी आई है.

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने फूलों का गुलदस्ता भेंट कर किया. नोएडा के सेक्टर-81 में यह नई यूनिट 5000 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार हुई है. सरकार की नोएडा-ग्रेटर नोएडा को देश का पहला मोबाइल ओपन एक्सचेंज क्लस्टर बनाने की योजना है. इसके तहत बड़ी मोबाइल कंपनियां यहां अपनी यूनिटें लगाएंगी. इसके लिए राज्य सरकार वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के साथ करार कर चुकी है. एक रिपोर्ट के मुताबिक अगले कुछ साल में 10 हजार करोड़ रुपये निवेश आने की संभावना है, जबकि चार से पांच लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

नोएडा का सैमसंग की मुख्य बातें 

- 7 लाख मोबाइल फोन रोज बनेंगे। अभी 2.5 लाख मोबाइल बनते हैं
- 70 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा
- 1 लाख 29 हजार स्कवायर मीटर जगह पर बनी है नई यूनिट
- 5000 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार हुई है नई यूनिट

सैमसंग कंपनी नोएडा के नए संयंत्र में बने मोबाइल फोन का निर्यात पश्चिम एशियाई, अफ्रीकी और यूरोपीय बाजारों में करेगी. नोएडा के नए संयंत्र में फिलहाल मोबाइल फोन के निर्माण पर फोकस किया जाएगा और वह निर्यात केंद्रित इकाई होगी. इस समय कंपनी भारत में हर महीने करीब 50 लाख मोबाइल फोन बनाती है, जो घरेलू बाजार में बेचे ही जाते हैं.

मून चार दिवसीय भारत यात्रा पर रविवार को दिल्ली पहुंच गए. बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ पहली बार भारत आए राष्ट्रपति मून और पीएम मोदी दोनों देशों के रिश्तों को नया आयाम देंगे. मंगलवार को दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के साथ ही दोनों नेताओं में वन टू वन बातचीत होगी. इसमें साझा हितों से जुड़े वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी. इस कड़ी में दोनों देशों में विशेष सामरिक साझेदारी के साथ तकनीकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, द्विपक्षीय व्यापार, कृषि सहित कई समझौते होंगे. इससे पहले मोदी और मून राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे. बुधवार को राष्ट्रपति के साथ बैठक के बाद मून स्वदेश रवाना हो जाएंगे.



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