उत्तर भारत में आज फिर चलेंगी धूल-भरी आंधियां, अगले 5-6 दिन में मानसून फिर होगा सक्रिय

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पिछले तीन दिन से कमजोर पड़ा मानसून दक्षिण-पश्चिम में अगले 5-6 दिन में फिर से सक्रिय हो जाएगा. भारतीय मौसम विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक मृत्युजंय मोहपात्रा ने बताया कि मानसून 15 जून तक बेहद सक्रिय था, लेकिन शुरुआती गति के बाद थोड़ा शांत हो जाना मानसून में सामान्य बात है. हालांकि 23-24 जून से ओडिशा और पूर्वी भारत के अन्य हिस्सों में अच्छी बारिश शुरू हो जाएगी. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और दक्षिणी पेनिनसुला के कुछ हिस्सों में 26 जून से अच्छी बारिश होगी.

उधर, मानसून उत्तरी छोर में मुंबई, ठाणे, अहमदनगर, बुल्धाना, अमरावती, गोंदिया, कटक, मिदनापुर आदि से होकर लगातार आगे बढ़ रहा है, इससे उत्तर भारतीय राज्यों यानी पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में समय पर पहुंच जाने के आसार बन गए हैं.

आपको बता दें कि दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में सामान्य से करीब 3 दिन पहले 29 मई को पहुंच गया था और वहां अब तक भारी बारिश के कारण करीब 45 लोगों की मौत हो चुकी है. इसी तरह पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून के शुरुआती प्रभाव से हुई भारी बारिश के कारण करीब 7 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं, जबकि 20 से ज्यादा की मौत हो चुकी है. इस बार 15 जून तक सामान्य औसत से करीब 8 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है.

मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से उत्तर भारत में जहां पंजाब के कुछ हिस्सों में तूफान आने की संभावना है, वहीं दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ आदि में धूल भरी आंधियों के साथ बिजली गिरने की संभावना बन रही है.

असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. पिछले 24 घंटों में बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में 5 और व्यक्तियों की मौत हो गई. इससे असम में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 12 हो गई है. प्रदेश में 6 जिलों के करीब 4.48 लाख लोग अब भी जलभराव के कारण बेघर हैं. प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ का सबसे ज्यादा प्रभाव करीमगंज और हैलीकांदी जिलों में हुआ है. करीमगंज में 2.15 लाख और हैलीकांदी में 1.93 लाख लोग बेघर हो गए हैं.



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