SHOCKING! ये है दुनिया का सबसे बड़ा परिवार, 39 बीवियों के साथ 94 बच्चे, राजा की तरफ रहता है मुखिया

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आप शायद यकीन भी न करें कि एक शख्स की 39 बीवियां और 94 बच्चे हैं, जबकि परिवार में कुल 181 लोग हैं.

जानकारी के मुताबिक , यह अनोखा परिवार कहीं और नहीं बल्कि भारत के ही मिजोरम राज्य में रहता है. यहां 72 वर्ष के हो चुके जियोना चान नामक शख्स ने अपनी जिंदगी में अब तक 39 शादियां की है, जिनसे उन्हें 94 बच्चे हैं. हैरानी इस बात पर होती है कि जियोना की उम्र 70 पार होने के बावजूद वह अब भी फिट नजर आते हैं. वे खुद को गांव का सबसे खूबसूरत और स्मार्ट व्यक्ति मानते हैं. गांव की जो महिला उन्हें पसंद आ जाती है, उसे या तो वह खुद पत्र भेजकर शादी की इच्छा दिखाते हैं या फिर अपनी ही किसी बीवी या परिचित के जरिए रिश्ता के लिए प्रस्ताव भेजते हैं, अगर लड़की मान ले तो उससे उनकी शादी हो जाती है.

हालांकि, जियोना ने पिछले कुछ सालों से नई शादी नहीं की है. हालांकि उनकी इच्छा एक अमेरिकी बीवी लाने की है. उनकी आधी बीवियां 40 वर्ष या इससे कम उम्र की हैं. उन्होंने पहली शादी महज 17 वर्ष की उम्र में की थी, वो भी खुद से 3 साल बड़ी लड़की से. उसके बाद वह शादियां करते गए. अब उनके भरे पूरे परिवार में बहुएं और दामाद हैं तो कई पोते-पोतियां भी.

जियोना अपने परिवार के सबसे खास व्यक्ति हैं. इनके पास बड़ा परिवार होने के साथ-साथ अकूट संपत्ति है. वह जिस गांव में रहते हैं, उसका काफी बड़ा हिस्सा उनका खुद का है. इसलिए वे राजा की तरह जीवन जीते हैं. इसके अलावा मिजोरम के भक्तवांग गांव में पहाड़ी पर बना उनका चार मंजिला विशाल घर अलग ही दिखता है. इसमें 100 कमरे हैं. हर बीवी और उसके परिवार को अलग कमरे दिए गए हैं. बच्चे अगर बड़े हो जाते हैं और उनकी शादी हो जाती है तो उन्हें भी अलग कमरा मिल जाता है. खुद जियोना सबसे निचले तल पर एक बड़े से कमरे में रहते हैं. घर का सबसे बड़ा डबल बेडरूम केवल उनके पास है. हर बीवी को उनके पास रहने के लिए एक हफ्ते का समय मिलता है, जो रोटेशन के हिसाब से तय है, हालांकि इसमें बदलाव भी होता है लेकिन जियाओ की ही इच्छा से.

जियोना का ही एक बेटा कम्प्यूटर पर पूरे परिवार का डेटा रखता है, जिसमें हर बीवी और उनके बच्चों का विवरण लगातार भरा जाता है. ये इसलिए किया जाता है, क्योंकि जियोना को इतने बड़े परिवार के लोगों के नाम याद रखने मुश्किल हो जाते हैं.

उनका घर किसी सैनिक अनुशासन वाली छावनी की तरह चलता है. जहां सभी बच्चों को सुबह उठना होता है. बगल के मैदान में मार्च पास्ट करना होता है. फिर वो जियोना के ही बनाए स्कूल में जाते हैं. इस स्कूल में आमतौर पर इसी परिवार के बच्चे पढते हैं. इस स्कूल के हेडमास्टर जियोना के छोटे भाई हैं. जबकि टीचर जियोना के ही बड़े बच्चे और कुछ बीवियां.

जियोना के अपने खेत और फर्नीचर वर्कशाप हैं. सारा खाना और सब्जियां इसी खेत से उगाई जाती हैं. इसमें भी उन्हीं के परिवार के लोग यानि बीवियां और बच्चे काम करते हैं. उनकी कुछ बीवियां फर्नीचर के काम में सिद्धहस्त हैं, वो घर में जरूरत के फर्नीचर बनाती हैं.



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