बजट में मध्य आय वर्ग को मिल सकती है राहत, टैक्स छूट सीमा में हो सकती है बढ़ोतरी

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आगामी बजट (2018-19) मध्यम वर्ग के लिए उम्मीदों भरा हो सकता है, क्योंकि केंद्रीय वित्त मंत्रालय व्यक्तिगत कर छूट की सीमा को बढ़ाने और कर के स्लैब में सुधार करने पर विचार कर रहा है. 

सूत्रों ने बताया कि कर छूट सीमा को मौजूदा सालाना 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 नहीं तो कम से कम 3 लाख करने का प्रस्ताव मंत्रालय के पास है. इसके अलावा , मंत्रालय मध्य आय वर्ग खासकर वेतन भोगियों को पर्याप्त राहत प्रदान करने के लिए कर स्लैब के सुधार पर भी सक्रियतापूर्वक विचार कर रहा है. इससे उनपर खुदरा महंगाई का असर कम होगा, जिसमें बढ़ोतरी देखी जा रही है.

पिछले बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया था, लेकिन सालाना 2.5-5 लाख की आय वालों के कर की दर को 10 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर छोटे करदाताओं को मामूली राहत दी थी.

वहीं, एक फरवरी को जारी होने वाले बजट में केंद्र सरकार 5-10 लाख रुपये सालाना आय वालों के लिए कर की दर 10 फीसदी कर सकती है. वहीं, 10-20 लाख रुपये के बीच सालाना की आय पर 20 फीसदी का कर लगा सकती है और 20 लाख से अधिक आय पर 30 फीसदी का कर लगा सकती है. वर्तमान में, सालाना 10-20 लाख रुपये की आय वालों के लिए कोई अलग टैक्स स्लैब नहीं है.
 



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