राजभवन कर्मचारियों के गंभीर आरोपों के बाद मेघालय के गवर्नर षण्मुगनाथन ने इस्तीफा दिया

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मेघालय के गवर्नर वी. षणमुगनाथन के खिलाफ राजभवन स्टाफ ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने नरेंद्र मोदी और प्रणब मुखर्जी को एक लेटर लिखा। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 10 बजे गवर्नर ने इस्तीफा दे दिया। उनके पास अरुणाचल की भी जिम्मेदारी थी। 98 इम्प्लाईज की ओर से लिखे लेटर में कहा गया है कि गवर्नर ने राजभवन की गरिमा के साथ समझैता कर इसे 'यंग लेडीज क्लब' बना दिया। लिहाजा उन्हें फौरन पद से हटा दिया जाए। गवर्नर ने आरोपों को झूठा करार दिया है।

लेटर में लिखा गया है, ''वह (षणमुगनाथन) राजभवन की गरिमा से समझौता कर इसे 'यंग लेडीज क्लब' बना रहे हैं। ये ऐसी जगह बन गई है, जहां कई महिलाएं गवर्नर का ऑर्डर लेकर आती-जाती रहती हैं। कई की पहुंच तो उनके बेडरूम तक है।'' लेटर में स्टाफ ने आगे लिखा, ''हम आशा करते हैं कि प्रधानमंत्री गवर्नर के खिलाफ एक्शन लेते हुए उन्हें हटाएंगे और राजभवन की गरिमा को बरकरार रखेंगे। राज भवन की सिक्युरिटी से भी खिलवाड़ हो रहा है। गवर्नर ने दो पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (PRO), एक कुक और एक नर्स की भर्ती की है, जिन्हें नाइट ड्यूटी में लगाया है, वे सभी महिलाएं हैं।'' आरोप है कि, ''गवर्नर ने सिर्फ लड़कियों और महिलाओं को ही अपने काम के लिए रखा है। वे सभी पुरुष प्राइवेट सेक्रेटरी को सेक्रेटेरियट में शिफ्ट कर चुके हैं।'' 11 प्वाइंट और 5 पेज के इस लेटर की एक-एक कॉपी पीएमओ, राष्ट्रपति भवन, मुख्यमंत्री मुकुल संगमा को भी भेजी गई है।

68 साल के षणमुगनाथन ने 20 मई, 2015 को बतौर मेघायल के गवर्नर का चार्ज संभाला था। वे तमिलनाडु के सीनियर आरएसएस नेता हैं। जेपी राजखोवा को हटाए जाने के बाद उन्हें अरुणाचल की भी जिम्मेदारी सौंपी गई। षणमुखनाथन सितंबर, 2015 से अगस्त, 2016 तक मणिपुर के भी गवर्नर रह चुके हैं।



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