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#MeToo: अब निर्देशक-निर्माता सुभाष घई पर लगा रेप का आरोप, कहा- मानहानि का केस करूँगा

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बॉलीवुड के शोमैन कहे जाने वाले निर्माता-निर्देशक सुभाष घई भी यौन उत्पीड़न के आरोपों में फंस गए हैं. देशभर में जोर पकड़ चुके #Metoo अभियान के अंतर्गत गुरुवार को उनकी एक पूर्व महिला कर्मचारी ने रेप का आरोप लगाया. हालांकि, घई ने आरोपों से इंकार करते हुए मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी है.

घई की पूर्व कर्मचारी ने अपने नाम का खुलासा नहीं किया. उसकी आपबीती को लेखिका महिमा कुकरेजा ने ट्विटर पर शेयर किया है. पीडि़ता ने महिमा को बताया कि उसके साथ यह घटना तब हुई जब वह घई के साथ एक फिल्म पर काम कर रही थी. महिमा कुकरेजा ने स्क्रीनशॉट के जरिये उसकी कहानी शेयर की. उन्होंने नाम का खुलासा नहीं किया, लेकिन इतना बताया कि वह मीडिया की जानी-मानी पर्सनैलिटी हैं.

मैं उस समय सुभाष घई के साथ एक फिल्म पर काम कर रही थी. उन्होंने मेरा मेंटर बनना स्वीकार किया था. मैंने उनकी बात पर भरोसा किया क्योंकि मैं मुंबई में नई थी. मेरा कोई दोस्तॉ या गॉडफादर भी नहीं था. शुरुआत में घई मेरे साथ म्यूंजिक रिकॉर्डिंग के बारे में बात करते थे. इसके लिए मुझे देर रात तक रुकना पड़ता था. इसके बाद मैं ऑटो से घर आ जाती या घई मुझे छोड़ देते थे. इसी दौरान उन्हों ने मेरी जांघ पर हाथ रखना शुरू किया. मुझे अच्छे काम की बधाई देने के बहाने गले लगा लेते. एक दिन मुझे स्क्रिप्ट पर बात करने के लिए लोखंडवाला बुलाया. उन्होंने कहा था कि वहां अभिनेत्रियां भी होंगी, लेकिन जब मैं वहां पहुंची तो वे अकेले थे. यह वो घर भी नहीं था जिसमें वे अपने परिवार के साथ रहते थे. उन्होंने स्क्रिप्ट पर कोई चर्चा भी नहीं की. मेरी गोद में सिर रखकर रोने लगे कि इंडस्ट्रीं ने उन्हें नहीं समझा. खड़े हुए तो मुझे जबर्दस्ती किस कर लिया. मैं अवाक रह गई और वहां से भाग गई. इसके बाद घई मुझे एक होटल में लेकर गए. उन्होंने वहां मेरे साथ रेप किया. अगली सुबह जब मैं जगी तब वह नाश्ता कर रहे थे. मैंने बहुत उल्टियां की. इसके बाद कई दिनों तक मैं ऑफिस नहीं गई. इसके बाद मैं एक सप्ताह तक वहां काम करने के लिए केवल इसलिए गई क्योंकि मेरा वेतन रोकने की धमकी दी गई थी.

हालांकि, सुभाष घई ने इन आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया है. उन्होंने कहा कि वर्षों पुरानी झूठी या आधी-अधूरी कहानियां पेश कर किसी को भी बदनाम करने का फैशन चल पड़ा है लेकिन यह गलत है. मैं महिला के आरोपों से पूरी तरह इंकार करता हूं. मैंने हमेशा महिलाओं का सम्मातन किया है. अपने साथ दूसरों की प्रतिष्ठा को भी हम तवज्जो देते हैं. यदि उस महिला ने ऐसा दावा किया है तो उसे अदालत जाना चाहिए. इससे न्यातय होगा. यदि वो अदालत नहीं गई तो मैं मानहानि का मुकदमा दर्ज करूंगा.



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