NSA अजित डोभाल बोले- 370 हटने से अधिकतर कश्मीरी खुश, घुसपैठ की फिराक में हैं 230 पाकिस्तानी आतंकी

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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल का कहना है कि वह इस बात से पूरी तरह आश्वस्त हैं कि अधिकतर कश्मीरी अनुच्छेद 370 के हटने से खुश हैं. वे अधिक से अधिक अवसर, भविष्य, आर्थिक प्रगति और रोजगार के अवसरों को देख रहे हैं, केवल कुछ शरारती तत्व ही इसका विरोध कर रहे हैं.

डोभाल ने कहा कि सेना के अत्याचारों का कोई सवाल नहीं उठता, राज्य (जम्मू-कश्मीर) पुलिस और कुछ केंद्रीय बल सार्वजनिक व्यवस्था संभाल रहे हैं. भारतीय सेना वहां आतंकियों से लड़ने के लिए है. जम्मू-कश्मीर के 199 पुलिस स्टेशन एरिया में से केवल 10 में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी हैं. बाकी पर कोई प्रतिबंध नहीं है.

एनएसए ने आगे कहा कि पाकिस्तान परेशानी खड़ी करने की कोशिश कर रहा है. 230 पाकिस्तानी आतंकियों का पता चला है. उनमें से कुछ ने घुसपैठ की थी और कुछ को गिरफ्तार किया गया है. हम पाकिस्तानी आतंकवादियों से कश्मीरियों के जीवन की रक्षा के लिए दृढ़ हैं, भले ही हमें प्रतिबंध लगाने पड़ें. आतंक एकमात्र ऐसा साधन है जिससे पाकिस्तान अशांति पैदा करता है. 

डोभाल ने आगे बताया कि सीमा के पास 20 किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तानी संचार टावर हैं. वो संदेश भेजने की कोशिश कर रहे हैं, हमने बातचीत सुनी है वो यहां अपने लोगों से कह रहे थे, "कितने सेब के ट्रक चल रहे हैं, क्या तुम उन्हें रोक नहीं सकते? क्या हमें तुम्हारे लिए चूड़ियां भेजनी चाहिए?" .

डोभाल ने नेताओं को नजरबंद किए जाने पर कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में समस्याएं हो सकती थीं और अगर सभाएं होतीं तो आतंकवादी हालात का फायदा उठाते. उनमें (जम्मू-कश्मीर के नेता) से किसी को भी देशद्रोह या फिर किसी अपराध के आरोप के साथ नजरबंद नहीं किया गया है. जब तक लोकतंत्र के लायक वातावरण नहीं बन जाता वो तब तक ही नजरबंदी में हैं, जिसका मुझे विश्वास है कि जल्द होगा. सबकुछ कानून के दायरे में हो रहा है, वह अपनी नजरबंदी को कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं.



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