शोपियां मुठभेड़: FIR से मेजर आदित्य का नाम वापस लेने के लिए केंद्र ने दिया आवेदन

2018-03-09_stone-pelting-afp-kashmir.jpg

केंद्र सरकार ने शोपियां फायरिंग केस को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर की। इस याचिका में सरकार ने कोर्ट से मेजर आदित्य के खिलाफ एफआईआर रद्द करने की मांग की। इससे पहले 5 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई (24 अप्रैल) तक मेजर आदित्य के खिलाफ जांच शुरू करने पर रोक लगाई थी। बता दें कि 27 जनवरी को शोपियां फायरिंग में दो लोगों की जान चली गई थी।

मेजर आदित्य के पिता लेफ्टिनेंट कर्नल करमवीर सिंह की वकील ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि केंद्र सरकार ने शुक्रवार को शोपियां फायरिंग केस में में मेजर आदित्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने के लिए आवेदन दिया। इस मामले में जम्मू कश्मीर सरकार ने पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि मेजर आदित्य का नाम आरोपियों की लिस्ट में शामिल नहीं है।

अफसरों के मुताबिक, 27 जनवरी को आर्मी का एक काफिला शोपियां के गनोवपोरा गांव से गुजर रहा था। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने काफिले पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। जवाब में सिक्युरिटी फोर्स ने उन्हें भगाने के लिए कुछ राउंड फायरिंग की, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।

शोपियां में फायरिंग की घटना को लेकर महबूबा सरकार के ऑर्डर पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आर्मी अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसमें मेजर आदित्य का नाम भी शामिल है।

आर्मी मेजर आदित्य के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद इसे रद्द कराने के लिए आदित्य के पिता लेफ्टिनेंट कर्नल कर्मवीर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। उनका कहना है कि बेटे ने साथियों को बचाने के लिए फायरिंग की। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

शोपियां फायरिंग मामले में मेजर आदित्य समेत दूसरे आर्मी अफसरों के खिलाफ दर्ज FIR पर सुप्रीम कोर्ट ने 12 फरवरी को स्टे लगाया था। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर सरकार पर मेजर आदित्य समेत दूसरे अफसरों के खिलाफ 24 अप्रैल तक कोई भी कानूनी (दंडात्मक) कार्रवाई न करने का आदेश दिया था।



loading...