मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने अपने नेताओं के सामने रखी कड़ी शर्त, टिकट पाने के लिए करना होगा यह काम

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मध्यप्रदेश कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में टिकट की चाह रखने वाले अपने नेताओं के सामने एक कड़ी शर्त रख दी है. कांग्रेस ने कहा है कि जो नेता टिकट का सपना देख रहे हैं उनको अपने फेसबुक लाइक्स बढ़ाने होंगे, ट्विटर पर भी उनके कितने फॉलोवर्स होने चाहिए कांग्रेस ने ये भी तय कर दिया है. कांग्रेस ने एक चिट्ठी जारी करते हुए कहा है कि ऐसे नेता जो टिकट चाहते हैं उनके फेसबुक लाइक्स कम से कम 15000 होने चाहिए. ट्विटर पर भी ऐसे नेताओं के फॉलोवर्स की संख्या 5000 से कम न हो.

इसके साथ-साथ कांग्रेस ने ये शर्त भी रखी है कि नेताओं को मध्यप्रदेश कांग्रेस के सभी ट्वीट्स को लाइक और रीट्वीट करना होगा. मध्यप्रदेश कांग्रेस इस बार उम्मीदवार तय करने के मामले में भाजपा से बढ़त लेना चाहती है. कांग्रेस की घोषणा के अनुसार इस माह की 20 तारीख तक कांग्रेस प्रदेश में लगभग 70 से 80 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का एलान कर सकती है. इन सीटों में वे सीटें भी शामिल हैं, जिन पर कांग्रेस लगातार 5 से 6 बार से चुनाव हारती आ रही है.

आपको बता दें कि मंगलवार को नई दिल्ली में कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक होगी जिसमें चुनाव समिति के सदस्यों के अलावा स्क्रीनिंग कमेटी के तीनों सदस्य भी शामिल होंगे. इसी के चलते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं और चुनाव अभियान समिति के सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया भी दिल्ली पहुंच गए हैं.

चुनाव समिति की बैठक के बाद स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा अनुमोदित किए गए नामों को पार्लियामेंट्री बोर्ड के पास सूची जाएगी, जहां से उम्मीदवारों के नाम का औपचारिक एलान होगा. इधर प्रदेश कांग्रेस कमेटी लगातार तीन बार से ज्यादा से हार रही 105 सीटों पर इसी महीने टिकट तय करने पर विचार कर रही है. लगातार हारने वाली 105 सीटों में से 31 विधानसभा सीट ऐसी हैं जहां पार्टी 5 बार से हार रही है. वहीं, 19 विधानसभा सीटों पर पार्टी को बीते चार चुनावों में पराजय का सामना करना पड़ा.

वहीं, 54 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जिनमें पार्टी को बीते 3 चुनावों में पराजित होना पड़ा. इन सीटों पर पार्टी इसी महीने प्रत्याशी तय करने पर विचार कर रही है, जिससे उसे वहां प्रत्याशियों के प्रचार प्रसार के लिए पर्याप्त समय मिल सके.

कांग्रेस पिछले तीन बार से हार का मुंह देख रही है- अम्बाह, मेहगांव, पोहरी, शिवपुरी, अशोकनगर, रेहली, सागर, महाराजपुर, मलेहरा, दमोह, रैगांव, रामपुर बघेलान, सिरमौर, त्योंथर, देवतालाब, जबलपुर कैंट, बरघाट, सिवनी, सोहागपुर, विदिशा, शमशाबाद, गोविंदपुरा, आष्टा, सीहोर, सारंगपुर, देवास, हरसूद, खंडवा, बुरहानपुर, इंदौर-2, इंदौर-4

पिछले 4 बार से हारने वाली सीटें- मुरैना, दिमनी, ग्वालियर ग्रामीण, ग्वालियर दक्षिण, भांडेर, बीना, चांदला, गुन्नौर, छतरपुर, सिंगरौली, बरगी, जबलपुर उत्तर, निवास, पिपरिया, सिलवानी, धोहनी, जबलपुर उत्तर, जबलपुर कैंट और निवास



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