लव जिहाद : आज भी जेल वाली जिंदगी ही बिता रही हूं मैं, नहीं मिली आजादी : हादिया

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केरल की लव जिहाद मामले में हर दिन नया मोड़ आ रहा है. पिछले दिनों अखिला उर्फ हदिया ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उसे आजादी चाहिए और वो पति के साथ रहना चाहती है. लेकिन उसकी बात को नजरअंदाज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उसे पढ़ाई पूरी करने के लिए सलेम (तमिलनाडु) भेजने का आदेश दिया था.

बुधवार को हादिया ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि मैंने कोर्ट से आजादी मांगी थी, मैं अपने पति से मिलना चाहती थी, लेकिन सच्चाई ये है कि मैं आज भी जेल वाली जिंदगी ही बिता रही हूं, न तो आजाद हुई हूं और न ही मेरी मेरे पति से मुलाकात हो सकी है.

उसने कहा कि मैं सिर्फ वो हक चाहती हूं जो एक आम इंसान का हक है जो हर भारतीय को मिला है. मेरी किसी भी बात का राजनीति और जाति से कोई लेना देना नहीं है. हादिया ने आगे कहा कि मैं चाहती हूं कि जो लोग मुझे पसंद है मैं उनसे मिल सकूं और बात कर सकूं.

पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने केरल पुलिस को हादिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश देते हुए कहा था कि उसे जल्द सलेम पहुंचाने की व्यवस्था की जाए. होम्योपैथिक कॉलेज के डीन को हादिया का अभिभावक नियुक्त करते हुए पीठ ने उसकी किसी भी समस्या को सुलझाने की भी छूट दी है.

पीठ ने कॉलेज और विश्वविद्यालय को भी निर्देश दिया था कि हादिया का फिर से दाखिला कराया जाए और उसे हॉस्टल सुविधा दी जाए. इस दौरान उसकी सुरक्षा का जिम्मा तमिलनाडु सरकार उठाएगी और एक महिला सुरक्षाकर्मी भी हर वक्त उसके साथ रहेगी. 

बता दें कि 2 घंटे चली सुनवाई में हादिया ने कहा था कि वह अपने पति शफीन जहां के साथ रहना चाहती है. केरल हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली इस याचिका पर शीर्ष अदालत में अगली सुनवाई जनवरी के तीसरे हफ्ते में होनी है. 



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