Muharram 2019: जानें क्यों मनाया जाता है मुहर्रम, जानिए इससे जुडी अहम बातें

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पैगंबर मुहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मुहर्रम मनाया जाता है. साल 2019 में मुहर्रम का मुख्य दिन 10 सितंबर, मंगलवार को है.

मुहर्रम के बारे में कई ऐसी बातें हैं, जो लोग नहीं जानते. आज हम आपको ऐसी ही 8 बातें बताने जा रहे हैं.

मुहर्रम कोई त्यौहार नहीं है बल्कि ये एक मातम दिन है. इस्लाम के प्रवर्तक पैगंबर मोहम्मद साहब के छोटे नवासे (नाती) इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मुहर्रम मनाया जाता है.

इमाम हुसैन और यजीद के बीच हुई लड़ाई में इमाम हुसैन ने मात्र 72 लोगों के साथ मिलकर 8000 सैनिकों का सामना किया था.

अल्लाह के रसूल हजरत मुहम्मद ने इस मास को अल्लाह का महीना कहा है. साथ ही इस मास में रोजा रखने की खास अहमियत बयान की है.

यजीद ने मुहर्रम के महीने में इमाम हुसैन को धोखे से मरवा दिया था. यह लड़ाई मुहर्रम 2 से 6 महीने तक चली. उस दिन से मुहर्रम को इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत के रूप में मनाया जाता है.

मुहर्रम का मातम शिया और सुन्‍नी दोनों मनाते हैं. ये मुस्लिमों का अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने का एक तरीका है.

मुहर्रम के दस दिनों तक बांस, लकड़ी का इस्तेमाल कर तरह-तरह से लोग इसे सजाते हैं और ग्यारहवें दिन इन्हें बाहर निकाला जाता है. मुहर्रम के दिन इसे लेकर पूरे नगर में घूमा जाता है और इसे बाद में इन्हें इमाम हुसैन की कब्र बनाकर दफनाया जाता है.

इस्लामी या हिजरी कैलेंडर एक चंद्र कैलेंडर है, जो न सिर्फ मुस्लिम देशों में इस्तेमाल होता है बल्कि दुनियाभर के मुसलमान भी इस्लामिक धार्मिक पर्वों को मनाने का सही समय जानने के लिए इसी का इस्तेमाल करते हैं.

इस्लामी कैलेंडर के अनुसार मुहर्रम महीने की पहली तारीख को नया साल हिजरी शुरू होता है.



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