प्रोफेसर ने तरबूज से की फीमेल स्टूडेंट्स के ब्रेस्ट की तुलना, छात्राओं ने जमकर किया विरोध

सबरीमाला मंदिर में सबसे पहले एंट्री कर दर्शन करने वाली महिला को सास ने पीटा, हॉस्पिटल में भर्ती

गूगल सर्च में Bad Chief Minister सर्च करने पर आ रहा है केरल के सीएम पिनराई विजयन का नाम, समर्थकों ने RSS पर लगाया आरोप

केरल में सबरीमाला मामले को लेकर हिंसक प्रदर्शन, भाजपा और सीपीआईएम नेता के घर बम से हमला

केरल: सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर प्रदर्शन, झड़प में 1 की मौत, CM ने कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश

सबरीमाला मंदिर में 2 महिलाओं ने प्रवेश कर भगवान अयप्पा के किए दर्शन, केरल में हाई अलर्ट

कोच्चि में नौसेना बेस पर बड़ा हादसा, एयरक्राफ्ट हैंगर गिरने से दो जवानों की मौत

2018-03-20_water54.jpeg

केरल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 2 लड़कियां एक प्रोफेसर की भद्दी टिप्पणी के विरोध में फेसबुक पर टॉपलेस हो गईं. आरोप है कि एक प्रोफेसर ने फीमेल स्टूडेंट्स के ब्रेस्ट की तुलना तरबूज से की थी. जिससे सोशल मीडिया पर उनका विरोध हो रहा था, लेकिन 2 लड़कियों ने इसका विरोध करते हुए अपनी टॉपलेस तस्वीर फेसबुक पर शेयर कर दी.

हालांकि, फेसबुक ने उनकी तस्वीरों के वापस ले लिया है और उन लड़कियों का अकाउंट भी ब्लॉक कर दिया है. बता दें कि इस अभियन की पहले भी काफी चर्चा हो चुकी है और लोग इस अभियान को लेकर पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों रिस्पॉन्स दे रहे हैं. 

रिपोर्ट्स के अनुसार , कोचिकोड के एक कॉलेज के प्रोफेसर ने कहा था कि कॉलेज में लड़कियां अपने ब्रेस्ट हिजाब से नहीं छुपाती है, बल्कि इसे लाल तरबूत के एक टुकड़े की तरह दिखाती है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार , प्रोफेसर ने कहा है कि मैं एक कॉलेज का शिक्षक हूं, जहां 80 फीसदी लड़कियां हैं और उसमें से अधिकतर मुस्लिम है. वो लड़कियां धार्मिक परंपरा के आधार पर कपड़े नहीं पहनती है. वो अपने ब्रेस्ट को हिजाब से नहीं ढकती है, बल्कि इसे लाल तरबूत के टुकड़े की तरह दिखाती है.

इसका विरोध करते हुए विष्णु नाम के एक लड़के ने अपने पार्टनर की टॉपलैस तस्वीर पोस्ट की. उसके बाद तिरुवंनतपुरम की रहने वाले एक यूजर ने ऐसी ही खुद की तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट कर दी.

टॉपलेस तस्वीर फेसबुक पर डालने वाली लड़की का कहना है कि ये आपकी इच्छा है. महिलाओं को वो कपड़े पहनने का अधिकार है, जो वो पसंद करती है. उन्होंने ये भी सवाल खड़ा किया कि कब हमारा समाज महिलाओं को निशाने पर लेना बंद करेगा?



loading...