कासगंज में नहीं थम रही हिंसा, एक बस और 4 दुकानें जलाईं, तिरंगा यात्रा के दौरान हुआ था बवाल

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उत्तर प्रदेश के कासगंज में शनिवार सुबह फिर एक बार हिंसा भड़क गई। उपद्रवियों ने बारहद्वारी इलाके में तोड़फोड़ और 4 दुकानों में आगजनी की घटना को अंजाम दिया। समुदाय विशेष के दो शख्स लापता बताए जा रहे हैं। उधर, 26 जनवरी की हिंसा में मारे गए चंदन (22) का शनिवार सुबह अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर एटा के बीजेपी सांसद समेत हजारों की तादाद में लोग मौजूद रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ताजा आगजनी और तोड़फोड़ चंदन की अंतिम यात्रा से लौट रहे लोगों ने की है।

26 जनवरी को कासगंज जिले के कोतवाली इलाके में बिलराम गेट चौराहे पर तिरंगा यात्रा के तहत विश्व हिंदू परिषद और एबीवीपी के कार्यकर्ता बाइक से रैली निकाल रहे थे। इस दौरान नारेबाजी को लेकर समुदाय विशेष के लोगों से बहस हो गई। तकरार में दोनों तरफ से फायरिंग, पत्थरबाजी हुई, जिसमें तिरंगा यात्रा में शामिल एक युवक चंदन गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई। दूसरे पक्ष के एक शख्स को भी गोली लगी है।

पुलिस के मुताबिक, कासगंज जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं। घटनास्थल पर भारी पुलिस फोर्स के साथ पीएसी की 5 और RAF की 1 कंपनी तैनात की गई है।

चंदन के परिवार वालों ने 50 लाख रुपए मुआवजे और एक मेंबर को नौकरी देने की मांग की है। हालांकि, कलेक्टर आरपी सिंह के मुताबिक, सरकार ने 5 लाख रुपए मुआवजे का एलान कर दिया है। उधर, घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन से विक्टिम के परिवार की हर संभव मदद करने और उपद्रवियों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं।

आईजी अलीगढ़ डॉ. संजीव कुमार गुप्ता के मुताबिक, एटा, अलीगढ़ और हाथरस से फोर्स बुलाई गई है। कलेक्टर आरपी सिंह के मुताबिक, कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है। कई गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। जांच की जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



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