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करतारपुर गलियारे के लिए पाकिस्तान ने रखी शर्त, रोजाना केवल 500 श्रद्धालुओें को ही मिलेगी एंट्री, पासपोर्ट भी जरुरी

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करतारपुर गलियारे को लेकर अब पाकिस्‍तान नए नई योजना बना रहा है, जिसके तहत वह भारत से धार्मिक स्थल करतारपुर साहिब गुरुद्वारे जाने वाले श्रद्धालुओें की संख्‍या सीमित करना चाह रहा है. दरअसल, WION के हाथ पाकिस्‍तान का वह प्रारंभिक मसौदा लगा है, जोकि करतारपुर समझौते पर बनाया गया है. मसौदे के अनुसार, पाकिस्तान परमिट जारी कर प्रतिदिन 500 श्रद्धालुओें की संख्‍या सीमित करेगा. यह वीजा मुक्त यात्रा होगी, लेकिन तीर्थयात्रियों को भारत से भारतीय पासपोर्ट और सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी.

भारत सरकार को करतारपुर कॉरिडोर के माध्यम से अपनी प्रविष्टि से 3 दिन पहले तीर्थयात्रियों और सुरक्षा मंजूरी प्रमाणपत्र पाकिस्तान सरकार के साथ साझा करना होगा.

मसौदे में यह भी प्रस्तावित है कि तीर्थयात्रियों को 15 लोगों का एक समूह बनाना होगा और गलियारा सुबह 8 से शाम 5 बजे तक खुला रहेगा. साथ ही दोनों पक्ष तीर्थयात्रियों के नाम, यात्रा इतिहास वाले डेटाबेस का निर्माण करेंगे. भारतीय पक्ष को अभी भी लगभग 59 पन्नों का मसौदा प्राप्त करना है.

मसौदे में यह भी कहा गया है कि "पाकिस्तान प्रवेश से इंकार करने का अधिकार, प्रवास की अवधि को कम करना या परमिट दिए जाने के बावजूद किसी भी तीर्थयात्री के अपने क्षेत्र में रहने की अनुमति से इंकार कर सकता है. ऐसा इस स्थिति में किया जाएगा जब किसी तीर्थयात्री को सुरक्षा या अन्य उद्देश्य के लिए अवांछनीय पाया जाता है".

किसी भी विवाद की स्थिति में, "राजनयिक बातचीत के माध्यम से सौहार्दपूर्ण ढंग से इसका निस्‍तारण किया जाएगा". कोई भी पक्ष एक महीने का नोटिस देकर किसी भी समय समझौते को समाप्त कर सकता है. यह समझौता सीमा सुरक्षा पर मौजूदा प्रतिबद्धताओं को भी प्रभावित नहीं करता है.


 



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