सियासी हाल-चाल: 4 साल में बिगड़ा कांग्रेस का खेल; 14 से घटकर 3 राज्यों में सिकुड़ी, भाजपा ने तय किया 8 से 21 का सफ़र

2018-05-15_bjpcongressjds.jpg

पिछले चार सालों में बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टियों ने 20 राज्यों में अपनी सरकार बनाई है. 21वें राज्य कर्नाटक में सरकार बन ही जायेगी. आपको बता दें, 2014 मई में जब मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी तब भाजपा या एनडीए की सिर्फ 8 राज्यों में और कांग्रेस की 14 राज्यों में सरकार थी. पर पिछले चार सालों के बीच सब कुछ बदल गया.

कर्नाटक में भाजपा की सरकार बनी तो कांग्रेस सिकुड़कर बस पुड्डुचेरी, पंजाब और मिजोरम में रह जाएगी. राजधानी सहित बाकी 7 राज्यों में दूसरे दलों की सरकार है.

मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद 21 राज्यों में चुनाव हुए, भाजपा ने 14 में सरकार बनाई. महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, असम, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा, गुजरात, हिमाचल, त्रिपुरा, नगालैंड, मेघालय. बिहार में एनडीए के सहयोगी दल जदयू की सरकार है. हालांकि, यहां भाजपा हारी थी. डेढ़ साल बाद उसका जदयू से गठबंधन हुआ और सत्ता में आई. एक समीकरण ये भी कहता है 68% आबादी और 59% इकोनॉमी वाले राज्यों में भाजपा की सरकार है.

वैसे कर्नाटक में राज्यसभा की 12 सीटें हैं. मार्च में चार सीटों के लिए चुनाव हुए थे. कांग्रेस के एल हनुमनथईया, सईद नसीर, जीसी चंद्रशेखर और भाजपा से राजीव चंद्रशेखर सदस्य बने.

बाकी 8 सीटों में से 2 भाजपा, 1 जेडीएस और 5 कांग्रेस के पास हैं. इन सभी सदस्यों के कार्यकाल 2020 और 2024 तक खत्म होंगे.

एक बात तो यह भी चुनाव जीतने के मामले में मोदी सबसे आगे हैं. जहाँ भाजपा की 14 राज्यों में सरकार है, 7 राज्यों में हार. बिहार में महागठबंधन की जीत के बाद जदयू के साथ एनडीए ने सरकार बनाई. 

वहीँ कांग्रेस की 3 राज्यों में सरकार, 13 चुनावों में हार, 3 राज्यों में सबसे बड़ी पार्टी होकर भी सत्ता से दूर. बिहार में जिस महागठबंधन में कांग्रेस शामिल थी, वहां डेढ़ साल बाद जदयू ने अलग होकर भाजपा के साथ सरकार बना ली. इंदिरा गांधी के समय में 4 साल में 19 चुनाव हुए जिसमें 13 में कांग्रेस जीती थी.



loading...