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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेशनल गंगा कांउसिल की पहली बैठक में भाग लेने के लिए कानपुर पहुंचे हैं. गंगा नदी के राष्ट्रीय कायाकल्प, संरक्षण और प्रबंधन को लेकर यहां चंद्रशेखर आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में पीएम नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में सुबह करीब 11 बजे यह बैठक शुरू हुई. इस बैठक में यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी के अलावा कई वरिष्‍ठ नेता और अधिकारीगण उपस्थित हैं.

'नमामी गंगे' परियोजना की समीक्षा करने और पवित्र नदी पर योजना के प्रभाव देखने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कानपुर में गंगा नदी में नौकायन भी करेंगे. अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 'नमामी गंगे' परियोजना को लेकर कुछ घोषणाएं भी कर सकते हैं. गोमुख से गंगासागर तक बहने वाली इस नदी का कानपुर में पड़ने वाला हिस्सा सबसे अधिक प्रदूषित माना जाता है. इससे यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि सरकार इस परियोजना को लेकर गंभीरता बरतने वाली है.

भाजपा के एक सूत्र ने बताया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मामला खत्म होने के बाद सरकार की प्रमुख परियोजना में एक 'नमामी गंगे' भी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गुरुवार को कानपुर आए शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि कानपुर में नदी में सभी 16 नालों से बहने वाले 300 एमएलडी को गुरुवार रात से स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नदियों में प्रदूषक तत्वों को डालने वाले सीवर और नालियों के बंद होने से नदी के जल में उल्लेखनीय परिवर्तन नजर आएगा. उन्होंने कहा, "सीसामउ नाला, जो प्रतिदिन 140 मेगा लीटर गंदगी गंगा में डालता है, उसे अधिकारियों ने बंद करा दिया है. अब गंदगी को जाजामउ और बिंगवान ट्रीटमेंट प्लांट की ओर मोड़ दिया गया है." वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नौका विहार के लिए वाराणसी से डबल डेकर स्टीमर को कानपुर लाया गया है.



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