28 जुलाई को है कामिका एकादशी, जानें क्या है महिमा और महत्व

2019-07-27_KamikaEkadashi.jpg

हिंदू धर्म में एकादशी का काफी महत्व है. खासकर सावन में पड़ने वाली कामिका एकादशी को पुराणों में काफी लाभदायी बताया गया है. इस बार 28 जुलाई रविवार को कामिका एकादशी का व्रत पड़ रहा है. कामिका एकादशी का व्रत करने से कई यज्ञों के बराबर पुण्य मिलता है. धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, कामिका एकादशी के दिन व्रत रखने और विधिवक पूजा करने से सभी समस्याओं का समाधान हो जाता है. यह व्रत उन लोगों के लिए ज्यादा फलदायी माना जाता है, जो आर्थिक तंगी से परेशान होते हैं.

माना जाता है कि जो जातक इस व्रत को पूरे विधि विधान के साथ करते हैं उनकी सभी परेशानियों का अंत हो जाता है और वो जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाते हैं. उनके सभी मुश्किल काम से बाधाएं दूर होती हैं और वो सफलता को प्राप्त करते हैं. पद्म पुराण में इस बात का उल्लेख मिलता है कि भगवान कृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को एकादशी का धार्मिक महत्व बताते हुए कहा था कि जिस तरह नागों में शेषनाग, पक्षियों में गरुड़, देवताओं में श्री विष्णु, वृक्षों में पीपल तथा मनुष्यों में ब्राह्मण श्रेष्ठ हैं, उसी प्रकार सम्पूर्ण व्रतों में एकादशी श्रेष्ठ है.

सावन में पड़ने वाली कामिका एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा होती है. इस दिन प्रातःकाल उठकर स्नान आदि करने के बाद भगवान विष्णु के नाम का जप करना चाहिए. इसके बाद उन्हें धूप, दीप, फल, फूल एवं नैवेद्य अर्पित करना चाहिए. प्रयास करना चाहिए कि पूरे दिन मन ही मन भगवान विष्णु का समरण करते रहें.

कामिका एकादशी के दिन शाम को परिवार के साथ बैठकर एकादशी की पूजा करनी चाहिए. साथ ही इस दिन भगवान विष्णु के मन्त्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का यथासंभव जप करें एवं इस दिन विष्णुसहस्रनाम का पाठ भी करना चाहिए.



loading...