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उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा के गठबंधन को लेकर भाजपा ने कहा कि सिर्फ अपने अस्तित्व को बचाने के लिये दोनों पार्टियां साथ आई हैं. पार्टी ने इस गठबंधन को तवज्जो नहीं देते हुए जोर दिया कि आगामी लोकसभा चुनाव में इसका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा.

भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, सपा और बसपा ने देश या उत्तरप्र देश के लिये गठबंधन नहीं किया है, दरअसल वे अपने अस्तित्व के लिये साथ आए हैं. वे अपने बल पर पीएम मोदी का मुकाबला नहीं कर सकते और मोदी विरोध ही इनके गठबंधन का आधार है. उन्होंने इन बातों को भी तवज्जो नहीं दी कि कभी एक दूसरे के विरोधी रहे इन दोनों दलों के साथ आने से लोकसभा चुनाव पर कोई प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने कहा कि चुनाव केवल गणित का विषय नहीं होता, यह रसायन की भी बात होती है. कई बार दो चीजों के मिलने से तीसरा पदार्थ भी बन जाता है.

भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, समय आ गया है जब देश को यह तय करना होगा कि उसे एक मजबूत सरकार चाहिए या फिर मजबूर सरकार चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में समावेशी विकास हुआ है.

वहीं बीजेपी नेता और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने अखिलेश यादव और मायावती पर हमला बोलते हुए कहा, जो पार्टिया पहले एक दूसरे पर हत्या तक का आरोप लगाती थी वो अब सिर्फ अपना राजनीतिक वजूद बचाने के लिए एक साथ आ गए हैं यह उनका फैसला है. हमें पूरा विश्वास है कि सभी पार्टियां भी एक साथ आ जाए तो भी हमारी ही जीत होगी.

आपको बता दें कि सपा और बसपा आगामी लोकसभा चुनाव में गठबंधन के तहत उत्तर प्रदेश की 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. दो सीटें छोटी पार्टियों के लिए छोड़ी गई हैं जबकि अमेठी और रायबरेली की दो सीटें कांग्रेस पार्टी के लिए छोड़ना तय किया गया है.


 



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