केरल का जीशा मर्डर केस: दोषी को मिली सजा-ए-मौत, अदालत ने सुनाया फैसला

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केरल के जीशा मर्डर केस में अदालत ने मंगलवार को अमीरुल इस्लाम को दोषी ठहराते हुए एर्नाकुलम मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे मौत की सजा का फैसला सुनाया गया। बता दें कि 2016 में लॉ की छात्रा जिशा का ( 27) 28 अप्रैल 2016 को पेरुंमबवूर स्थित उनके घर पर रेप और हत्या कर दी गई थी। उसकी मां राजेश्वरी ने उसके शव को पाया था। असम से केरल आया मजदूर अमीरुल नशे की हालत में जिशा के घर में जबरन घुस गया था। उसी ने जीशा का बलात्कार और मर्डर किया था।

जिसके बाद वह फरार हो गया था। लेकिन 50 दिनों बाद उसे कांचीपुरम में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को हिला कर रखा दिया था। कोर्ट ने अमीरुल को मर्डर, रेप में दोषी करार दिया था। केरल स्थित एर्नाकुलम के सेशन कोर्ट ने 6 दिसंबर को इस मामले में सुनवाई पूरी की और फैसला सुनाया था।

जिशा की मां व अन्य प्रॉसीक्यूशन ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर केस बताया। मामले की सुनवाई करीब 80 दिनों तक चली और आरोपी के खिलाफ 1500 पन्नों से अधिक का आरोपपत्र दायर किया गया। पुलिस ने मामले का खुलासा डीएनए परीक्षण के बाद किया। मामले की सुनवाई बंद कमरे में हुई।मई 2016 में मुख्यमंत्री का पद संभालते ही पिनाराई विजयन ने अपने पहले ही दिन राज्य के पुलिस प्रमुख को हटा दिया था।

विजयन ने नए पुलिस प्रमुख लोकनाथ बेहरा को मामले की जांच में तेजी लाने का आदेश दिया था।जांच के अंत में यह पाया गया कि चांडी के नेतृत्व में पिछली सरकार द्वारा नियुक्त पहली जांच टीम ने अच्छा काम किया था और उसके काम से बाद वाली जांच टीम को मदद मिली थी। अपराधी ने जिशा के साथ इतनी दर्रिंदगी दिखाई थी कि लोगों को दिल्ली के निर्भया कांड की याद आ गई।



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