कर्नाटक चुनाव: भाजपा के बहुमत से कुछ कदम के फासले, ने दी JDS के चेहरे पर ख़ुशी; जनता दल सेकुलर के पास 38 निर्णायक सीट

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कर्नाटक चुनावों में अभी तक मिले रुझानों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है. उसे 100 से अधिक सीटें मिल चुकी हैं. फिर भी सरकार बनाने के आंकड़े से दूर है. कुल 222 सीटों के लिहाज से 112 के बहुमत के आंकड़े से अभी दूर है. 

इस दूरी के कारण भूत पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की JDS को मुस्कुराने की वजह मिल गयी है. कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद पहल करते हुए ने कहा कि फोन पर देवेगौड़ा और एचडी कुमारस्वामी से बातचीत हुई है और उन्होंने हमारा प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. उन्होंने हमारा प्रस्ताव मान लेने के संकेत दिए हैं. 

इस बार जेडीएस ने बसपा समेत चार दलों के समर्थन से चुनाव लड़ा था. वह 38 सीटों के आसपास बने रहने का पिछली बार आंकड़ा बरकरार रखे हुए है. भाजपा ने कांग्रेस से ही सीटें छीनी हैं.

अलग-अलग रुझानों में भाजपा 105 से 108 के बीच झूल रही है. अगर दो और सीटों पर मतदान होता है और उन्हें वह जीत भी जाती है तो बहुमत से दो-तीन सीट कम रह सकती है. निर्दलीयों से उसे ज्यादा उम्मीद नहीं है. ऐसी स्थिति में कुमारस्वामी जेडीएस को सत्ता में भागीदार बनाकर भाजपा को समर्थन देने का ऑफर मोदी, शाह और येदियुरप्पा को दे सकते हैं.

इसके उलट भाजपा भी 2019 के लोकसभा चुनाव में कर्नाटक में कांग्रेस की 9 जीती हुई सीटों को कम करने के लिए कुमारस्वामी को सत्ता में भागीदार बनने का ऑफर दे सकती है. इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कहा था कि कांग्रेस अगर जेडीएस को मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए था.



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