जयराम ठाकुर बने हिमाचल के 13वें सीएम, दो मंत्रियों ने संस्‍कृत में शपथ ली, इनको मिली मंत्रिमंडल में जगह

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जयराम ठाकुर ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. दो मंत्रियों ने संस्कृत में शपथ ली. शपथ ग्रहण समारोह में नरेंद्र मोदी, अमित शाह, लालकृष्ण आडवाणी समेत कई केंद्रीय मंत्री और पार्टी के सीनियर लीडर मौजूद रहे. प्रधानमंत्री और अन्य राज्यों के सीएम-डिप्टी सीएम, केंद्रीय मंत्रियों को लाने के लिए 325 गाड़ियों का इंतजाम किया गया था.

वह सूबे के 13वें मुख्यमंत्री बने. जमीनी स्तर से जुड़े पांच बार के विधायक ठाकुर को उनकी विनम्रता के लिए जाना जाता है. 52 वर्षीय ठाकुर सरकार की अध्यक्षता करने वाले सबसे युवा नेता है. उन्होंने मंडी जिले की सेराज सीट से पांचवी दफा विधानसभा चुनाव जीता है. उन्होंने कांग्रेस के चेतराम को शिकस्त दी है. वह 2007 से 2012 तक प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे थे.

ये पहली बार था जब कोई पीएम हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के शपथग्रहण में शिरकत की. गुजरात की तरह यहां भी बीजेपी की शक्ति प्रदर्शन किया. यहां पांच साल बाद बीजेपी ने 68 में से 44 सीटें जीतकर भारी बहुमत के साथ सरकार बनाई है. हालांकि इसके सीएम उम्मीदावर प्रेम कुमार धूमल अपनी सीट नहीं बचा पाए, जिसके बाद जयराम ठाकुर के नाम पर मुहर लगी.

शपथ ग्रहण समारोह में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के डाॅ. रमन सिंह, यूपी के योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे, गुजरात के सीएम विजय रुपाणी, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, झारखंड के रघुवार दास, असम के सीएम सर्वानंद सोनोवाल भी पहुंचे.

इन मंत्रियों ने भी ली शपथ:
महेंद्र सिंह ठाकुर (कैबिनेट मंत्री):
महेंद्र सिंह ठाकुर, 7वीं बार बने हैं विधायक. प्रेम कुमार धूमल के रिश्तेदार हैं. धर्मपुर विधानसभा से जीते हैं चुनाव.

किशन कपूर (कैबिनेट मंत्री): धर्मशाला से जीते हैं विधानसभा चुनाव. शांता कुमार के विश्वासपात्र हैं. गद्दी जनजाति से है ताल्लुक.

सुरेश भारद्वाज (कैबिनेट मंत्री): सुरेश भारद्वाज ने संस्कृत में ली शपथ. राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं. शिमला सीट से जीते हैं चुनाव.

अनिल शर्मा (कैबिनेट मंत्री): चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए थे. पूर्व कैबिनेट मंत्री सुखराम के बेटे हैं. मंडी विधानसभा से जीत मिली है.

सरवीन चौधरी (कैबिनेट मंत्री): 4 बार मंत्री रहने का अनुभव. जयराम कैबिनेट की अकेली महिला मंत्री. शाहपुर से जीतीं हैं चुनाव.

रामलाल मार्कडेंयः तीसरी बार विधायक बने हैं और दूसरी बार मंत्री. 2007 में बीजेपी में शामिल हुए थे. एनएसयूआई और कांग्रेस में लंबे वक्त तक रहे. लाहौल स्पीति से जीते हैं चुनाव.

विक्रम सिंहः विक्रम सिंह ने ली कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ. कांगड़ा की जसवां-प्रगापुर सीट से विधायक बने हैं. तीसरी बार बने विधायक. साल 2000 हिमाचल बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष बने थे. बीएससी, बीएड की की है पढ़ाई.

गोविंद ठाकुरः मनाली से चुनाव जीतकर पहुंचे हैं विधानसभा. लगातार तीसरी बार बने हैं विधायक. पूर्व मंत्री कुंजनलाल ठाकुर के बेटे हैं.

राजीव सैजलः कसौली विधानसभा से जीते हैं चुनाव. पहली बार बनाए जा रहे हैं मंत्री. तीसरी बार बने हैं विधायक. बीजेपी का दलित चेहरा हैं

विपिन परमार: युवा चहरों में विपिन स‌िंह परमार ने भी शपथ ली. वर्तमान में वे हिमाचल प्रदेश बीजेपी कांगड़ा चंबा युवा मोर्चा के अध्यक्ष हैं. वह 1999 से 2003 तक हिमाचल प्रदेश के खादी बोर्ड के चेयरमैन रहे हैं.

वींरेंद्र कवंर: कुटलैहड़ ऊना से वीरेंद्र कंवर ने भी शपथ ली. कंवर को धूमल कैंप से माना जाता है. 2012 के चुनाव में वीरेंद्र कंवर 26028 वोट मिले थे. 2003 से लगातार विधायक चुने जा रहे हैं.

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