भोपाल गैंगरेप केस : HC की शिवराज सरकार को फटकार, पुलिस-डॉक्टर्स के रवैये को बताया ‘ट्रैजिडी ऑफ एरर्स’

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मध्य प्रदेश की राजधानी में हुए गैंगरेप पर जबलपुर हाईकोर्ट ने सुओ मोटो (स्वत: संज्ञान) लेते हुए सरकार को फटकार लगाई. पुलिस और डॉक्टर्स के रवैये को लापरवाही भरा बताते हुए हाईकोर्ट ने इसे ‘ट्रैजिडी ऑफ एरर्स’ (Tragedy of Errors) बताया. हाईकोर्ट ने सरकार से 2 हफ्ते में एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने को कहा है. 

सोमवार को हाईकोर्ट ने भोपाल गैंगरेप मामले की सुनवाई की. पुलिस और डॉक्टरों के काम करने के तरीके पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस विजय शुक्ला की बेंच ने इसे ‘ट्रैजिडी ऑफ एरर्स’ बताया. 

सरकार की तरफ से पेश हुए एडवोकेट जनरल पुरुषेंद्र कौशल से 2 हफ्ते में एक्शन टेकन रिपोर्ट देने को कहा. अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी.

बता दें कि घटना 31 अक्टूबर शाम की है. कोचिंग सेंटर से लौट रही 19 वर्ष की लड़की को 4 बदमाशों ने स्टेशन के पास रोका. झाड़ियों में ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किया. घटनास्थल से आरपीएफ चौकी (रेलवे पुलिस फोर्स) महज 100 मीटर दूर है. इस मामले आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. 5 पुलिस अफसरों और 2 डॉक्टर्स को सस्पेंड किया जा चुका है.



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