अक्षय तृतीया 2018: 7 बातें...जो बनाएं इस त्योहार को ख़ास

2018-04-17_अक्षय-तृतीया.jpg

अक्षय तृतीया को ‘अका तीज’ भी कहते हैं. इस दिन का ज्योतिष के हिसाब से खास महत्व है. अक्षय तृतीया तिथि को इतना शुभ मानते हैं कि इस दिन किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती. इस त्यौहार की कुछ खास बातें हैं जो शायद आपको पता नही होंगी. एक नजर उन बातों पर : 


1. अक्षय तृतीया के दिन ही बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलते हैं और वृन्दावन के श्री बांके बिहारी जी मंदिर में सम्पूर्ण वर्ष में केवल एक बार, अक्षय तृतीया पर ही श्री विग्रह के चरणों के दर्शन होते हैं.

2. ईश्वर के साथ-साथ पितरों प्रसन्न करने और उनकी शांति के लिए अक्षया तृतीया को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.

3. पुराणों के अऩुसार विष्णु जी के परशुराम अवतार का जन्म अक्षय तृतीया के दिन ही हुआ था. अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान विष्णु के अवतार नर-नारायण और हयग्रीव का अवतरण हुआ था.

4. भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के साथ-साथ इस दिन शिव-पार्वती और हनुमान की पूजा भी की जाती है.

5. चार युगों की शुरुआत अक्षय तृतीया से मानी गई है. इसी दिन से सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ बताया जाता है.

6. श्रीकृष्ण ने सुदामा से अक्षया तृतीया के दिन ही चावल लिए थे.

7.  वैशाख के महीने में अक्षय तृतीया मनाई जाती है. यह भी कहा जाता है कि इसी दिन वेद व्यास और भगवान गणेश ने महाभारत का लेखन शुरू किया था. ऐसी भी मान्यता है कि इसी दिन महाभारत युद्ध समाप्त भी हुआ था. अक्षय तृतीया के दिन द्वापर युग खत्म हुआ था.



loading...