फलस्तीन में पीएम मोदी को मिला सर्वोच्च नागरिक सम्मान, दोनों देशों में छह समझौते

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि फलस्तीन की शांति और संप्रभुता के लिए भारत प्रतिबद्ध है। रमल्ला में भारत और फलस्तीन के बीच 6 समझौते होने के बाद अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि 'मैं राष्ट्रपति अब्बास को भरोसा दिलाता हूं कि भारत भविष्य में फलस्तीन के लोगों के हितों का ख्याल रखेगा।'

पीएम ने फलस्तीन के लोगों की तारीफ करते  हुए कहा 'फलस्तीन के लोगों की सहनशीलता चट्टान जैसी है। आपने मुझे फलस्तीन के सर्वोच्च सम्मान से नवाज है, इस सम्मान के लिए मैं सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानियों की तरफ से आपका आभार व्यक्त करता हूं।'

इससे पहले प्रधानमंत्री के सम्मान में उन्हें रामल्लाह में राष्ट्रपति मुख्यालय के परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान भारत और फलस्तीन के रिश्तों में पीएम मोदी के योगदान को लेकर राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने उन्हें 'ग्रैंड कॉलर' का सम्मान दिया। बता दें कि यह विदेशी मेहमानों को दिया जाने वाला फलस्तीन का सर्वश्रेष्ठ सम्मान है। 

आपको बता दें कि फलस्तीन के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच यह चौथी मुलाकात थी। इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात, यूएन की जनरल असेंबली 2015, पेरिस क्लाइमेट समिट और जुलाई 2016 में फलस्तीन राष्ट्रपति के भारत दौरे पर हुई थी।  
 
बता दें कि तीन पश्चिम एशियाई देशों की चार दिवसीय यात्रा पर निकले पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार को फलस्तीन पहुंचे थे। फिलिस्तीन के दौरे के बाद मोदी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी जाने के लिए रवाना हो चुके हैं।

शाम 7.15 मिनट पर पीएम मोदी की अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहायन के साथ प्रेसिंडेंसियल पैलेस में मुलाकात होगी। शाम 8 बजकर 5 मिनट पर दोनों देशों के बीच एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर होंगे। रात 8.30 बजे शेख मोहम्मद के बेंक्वेट हॉल में डिनर सभा का आयोजन किया गया है।

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