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लॉर्ड्स के मैदान पर इंडिया का रिकॉर्ड बेहद खराब, क्या धोनी और कपिल देव का कारनामा दोहरा पाएंगे कोहली

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भारत-इंग्लैंड के बीच 9 अगस्त से 5 टेस्ट की सीरीज का दूसरा मुकाबला लॉर्ड्स के मैदान पर खेला जाएगा. एजबस्टन में खेला गया पहला मैच भारत 31 रन से हार चुका है. ऐसे में भारतीय टीम का इरादा लॉर्ड्स में मैच जीतकर सीरीज बराबर करने का होगा. लॉर्ड्स में भारत-इंग्लैंड के बीच हुए टेस्ट रिकॉर्ड में मेजबान टीम का पलड़ा भारी है. 

इस मैदान पर भारत ने 17 टेस्ट खेले, जिनमें 2 में ही जीत हासिल कर सका, जबकि 11 में उसे हार का सामना करना पड़ा. 4 टेस्ट ड्रॉ पर छूटे. लॉर्ड्स में कपिल देव और महेंद्र सिंह धोनी ही हैं, जिनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने यहां टेस्ट जीता. भारत ने इस मैदान पर पिछली जीत 2014 में धोनी की कप्तानी में हासिल की थी. उस टीम में विराट कोहली भी थे. अब विराट भी लार्ड्स में टेस्ट जीतकर कपिल और धोनी के क्लब में शामिल होना चाहेंगे.

2014 में भारतीय टीम ने लॉर्ड्स पर इंग्लैंड को 95 रन से हराया था. उस मैच में इंग्लैंड की कप्तानी मौजूदा ओपनर एलिस्टर कुक कर रहे थे. कुक ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया. भारत की पहली पारी 295 और इंग्लैंड की 319 रनों पर सिमटी. दूसरी पारी में भारत ने 342 रन बनाए. इंग्लैंड को जीत के लिए 319 रन का लक्ष्य मिला, लेकिन उसकी पूरी टीम 223 रन पर ऑल आउट हो गई. इस मैदान पर भारत को 28 साल बाद जीत हासिल हुई थी. उससे पहले 1986 में कपिलदेव की कप्तानी में पहली बार भारत यहां जीता था. तब उसने इंग्लैंड को 5 विकेट से हराया था.

पहले टेस्ट में भारत जीत की दहलीज पर पहुंचकर मैच हार गया. कप्तान कोहली ने पहली पारी में 149 और दूसरी पारी में 51 रन बनाए. उनके अलावा सिर्फ हार्दिक पंड्या ही 30 के आंकड़े को पार करने वाले एकमात्र बल्लेबाज रहे. दूसरे टेस्ट में कोहली पूरी टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे होंगे. लॉर्ड्स की पिच अमूमन गेंदबाजों के मुफीद मानी जाती है. ऐसे में पिछली बार यहां 7 विकेट लेने वाले इशांत के साथ उमेश यादव और मोहम्मद शमी पर टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी होगी.



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