कर्नाटक: बच्चा चोरी के शक में मेंगलुरु में एक बाप पर ही टूटा भीड़ का कहर, रोती बच्ची की पुकार भी नहीं सुनी

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बच्चा चोरी के अफवाह में भीड़ द्वारा कानून अपने हाथ में लेने का मामला थम नहीं रहा है. ऐसा ही एक मामला कर्नाटक के मेंगलुरु से सामने आया है. वाट्सऐप मैसेज से फैली अफवाह की वजह से भीड़ ने एक 30 साल के व्यक्ति को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया. एक पिता अपने दो साल के बच्चे के साथ ऑटो में यात्रा कर रहे थे. भीड़ ने उन्हें बच्चा चोर समझकर जमकर पिटाई कर दी.

खबर के मुताबिक बाइक सवार दो लोगों ने देखा कि व्यक्ति के साथ ऑटो में बैठा बच्चा जोर-जोर से रो रहा है. बाइक सवार लोगों ने खालिद का पीछा किया. खालिद चाय पीने के लिए एक रेस्टोरेंट के पास रुका. इसके बाद बाइक सवार लोगों को यकीन हो गया कि खालिद बच्चा चोर है जब उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उन्होंने खालिद को बच्चा चोर मान लिया और पीटना शुरू कर दिया. हालांकि पीड़ित खालिद बार-बार कहता रहा कि वह बच्चे का पिता है लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ही भीड़ ने खालिद को छोड़ा.

इसके बाद पुलिस खालिद को थाने ले गई, पत्नी द्वारा कंफर्म करने के बाद कि खालिद उसका पति और बच्चे का पिता है पुलिस ने उसे जाने दिया. पुलिस का कहना है कि इस मामले में किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया है. पीड़ित खालिद किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं चाहता है.गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर अफवाह की वजह से अब तक 9 राज्यों 27 लोग भीड़ की वजह से अपनी जाव गंवा चुके हैं.

हाल ही में महाराष्ट्र के धूल में 5 लोगों की बच्चा चोरी के आरोप में भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला था. वहीं एक महिला भिखारी को लोगों ने बच्चा चोरी के अफवाह में पीट-पीट कर मार डाला था. कई सामान्य लोग अफवाह की वजह से भीड़ का शिकार हो अपनी जान गंवा चुके हैं.

सूर्यास्त के बाद बाहर निकलने, अंजान सड़क पर यात्रा करने, लोगों से पता पूछने, बच्चों को चॉकलेट ऑफर करने जैसी चीजों की वजह से लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. इन लोगों को भीड़ ने बच्चा चोर समझकर पीटा और उनकी मौत हो गई. सरकार ने अफवाहों को रोकने के लिए वाट्सऐप और फेसबुक को कड़े कदम उठाने के लिए कहा है.



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