राहुल का बड़ा हमला- RBI ने नहीं, RSS ने दिया था मोदी को नोटबंदी का आइडिया

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राहुल गांधी ने मंगलवार को कर्नाटक के कलबुर्गी में कारोबारियों से मुलाकात की। इस दौरान राहुल ने कहा, नोटबंदी RBI, अरूण जेटली या फाइनेंस मिनिस्ट्री का नहीं बल्कि RSS का आईडिया था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इसे लागू करने के लिए नरेंद्र मोदी पर दबाव डाला था। बता दें कि कर्नाटक में इसी साल असेंबली इलेक्शन होने हैं। यहां कांग्रेस की सरकार है। राहुल गांधी का यह दौरा सियासी तौर पर अहम माना जा रहा है। राहुल ने जीएसटी का भी जिक्र किया। कहा- अगर 2019 में कांग्रेस केंद्र में सरकार बनाती है तो GST के नियमों में बदलाव किया जाएगा। ताकि लोगों को राहत मिल सके।

कांग्रेस प्रेसिडेंट ने कहा, सत्ता में आने के बाद GST नियमों में बदलाव करके इसे सरल बनाया जाएगा। केंद्र सरकार ने बिना तैयारी के GST लागू करके देश के 130 करोड़ लोगों को मुश्किल में डाला। हम सरल GST लागू करना चाहते थे। देश में एक टैक्स लागू करने के साथ-साथ गरीबों को GST दरों से छूट देंगे। राहुल ने आगे कहा- GST की अधिकतम दर 18 फीसदी करेंगे। सरकार ने कांग्रेस की सिफारिशें नहीं मानीं और GST की दरों को पांच स्लेब में रखा है।

राहुल ने कहा कि बीजेपी सरकार संविधान को हथियाने की कोशिश कर रही है। RSS अपने लोगों को हर इंस्टीट्यूशन में जगह देना चाहता है। मोहन भागवत का बयान इसी सोच को बताता है। भागवत ने सेना के जवानों की शहादत का अपमान किया है। उन्हें अपने बयान के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

बता दें कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 11 फरवरी को मुजफ्फरपुर में कहा था, अगर ऐसी स्थिति पैदा हो और संविधान इजाजत दे तो स्वयंसेवक मोर्चे पर जाने को तैयार हैं। जिस आर्मी को तैयार करने में 6-7 महीने लगते हैं, संघ उन सैनिकों को 3 दिन में तैयार कर देगा। संघ न तो मिलिट्री और न ही पैरामिलिट्री ऑर्गनाइजेशन है, ये एक पारिवारिक संगठन है। यहां सेना जैसा ही अनुशासन है। आरएसएस वर्कर्स हमेशा देश के लिए जान न्योछावर करने के लिए तैयार रहते हैं।

कर्नाटक में मई 2018 में असेंबली इलेक्शन हैं। राहुल शनिवार को अपने 4 दिनों के दौरे पर कर्नाटक पहुंचे थे। राहुल ने अपने दौरे पर राज्य के कई मंदिरों के दर्शन भी किए।



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