मीडिया रिपोर्ट्स को खिया खारिज, ICICI बैंक ने कहा-वार्षिक अवकाश पर हैं चंदा कोचर

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जबरन छुट्टी पर नहीं, बल्कि वार्षिक छुट्टी पर है चंदा कोचर..ये बयान आया है आईसीआईसीआई बैंक की तरफ से. मीडिया रिपोर्ट को गलत बताते हुए सीईओ व प्रबंध निदेशक कोचर किसी जबरन दी गई छुट्टी पर नहीं हैं बल्कि पहले से तय वार्षिक अवकाश पर गई हुई हैं.  रिपोर्ट में आया था कि कोचर को वीडियोकॉन ग्रुप को बड़ा कर्ज देने में उनकी भूमिका की स्वतंत्र जांच को लंबित रखने के बदले में छुट्टी पर जाने के लिए कहा गया है. 

29 मई को बैंक बोर्ड ने किसी स्वतंत्र व विश्वसनीय आदमी के नेतृत्व में एक जांच शुरू करने का निर्णय लिया था, जो अज्ञात व्हिसल ब्लोअर की तरफ से बैंक की एमडी व सीईओ पर लगाए गए आरोपों की जांच और उनके सच होने का निरीक्षण करेगी. याद रहे कि कोचर इस सप्ताह कार्यालय नहीं आएंगी और उनके 10 जून के बाद दोबारा कार्यालय से जुड़ने की संभावना है.

नजर डालते हैं पूरे मामले पर

चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की फर्म न्यूपावर रिन्यूएबल्स में 64 करोड़ रुपये का निवेश वीडियोकॉन ग्रुप के प्रमुख वेणुगोपाल धूत के 99.99 फीसदी मालिकाना हक वाली सुप्रीम एनर्जी की तरफ से लगाए जाने का आरोप है. मार्केट नियामक सेबी ने चंदा कोचर को बैंक की वीडियोकॉन ग्रुप व न्यूपावर से संबंधों पर नोटिस भी जारी किया था. साथ ही न्यूपावर में लगभग 325 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट दिसंबर 2010 में मारीशस की फर्स्टलैंड होल्डिंग्स ने किया, जिसके मालिक एस्सार ग्रुप के सहसंस्थापक रवि रुइया के पोते निशांत कनोडिया हैं. 

इसी महीने 29 दिसंबर को ICICI बैंक के नेतृत्व वाले भारतीय बैंकों के समूह ने एस्सार स्टील माइन्नीसोटा एलएलसी को 530 मिलियन अमेरिकी डॉलर के कर्ज को आगे बढ़ाया था, जो बाद में एनपीए घोषित हो गया. भारतीय रिजर्व बैंक 2016 में अपनी जांच में इस निवेश पर सवालिया निशान उठा चुका है.

बैंक की ओर से 30 मई को नियामक में दाखिल किए गए एक जवाब में ये बात भी खारिज की गई कि उनकी तरफ से कोचर के उत्तराधिकारी को तलाशने के लिए कोई सर्च कमेटी गठित की गई है. आपको बता दें कि एक कर्ज सौदे के किये अपने पारिवारिक सदस्यों को लाभ पहुंचाने में कथित तौर पर शरीक होने के आरोप में कोचर इस वक्त स्वतंत्र जांच का सामना कर रही हैं.



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