सर्दियों में बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए करें ये उपाय

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निमोनिया की समस्या छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा होती है. सर्दियों के मौसम में बच्चों को निमोनिया अक्सर हो जाता है. बदलते मौसम और सर्दियों में बरसात होने पर निमोनिया का खतरा और बढ़ जाता है. बच्चे को निमोनिया होने पर घर पर इलाज करने से बचना चाहिए. निमोनिया का कारण संक्रमण होता है. अगर इंफेक्शन से बचाव किया जाए तो बच्चों को निमोनियां से बचाया जा सकता है. भारत जैसे देश में 20 से 30 प्रतिशत नवजात बच्चे निमोनिया की वजह से मर जाते हैं. सामान्य सर्दी जुकाम जैसी लगने वाली बीमारी बच्चों के लिए यह जानलेवा होती है. 

क्या हैं निमोनिया के कारण- 

बच्चों को निमोनिया बैक्टीरिया और वायरस के संक्रमण से होता है. कुछ बच्चों में जन्मजात कुछ परेशानियों की वजह से बार-बार निमोनिया की समस्या होती है. सर्दियों के मौसम में इंफेक्शन की वजह से बच्चों को सबसे ज्यादा निमोनिया होता है.

क्या है निमोनिया का इलाज-

बैक्टीरियल इंफेक्शन की वजह से निमोनिया होता है. बैक्टीरियल इंफेक्शन को कंट्रोल करने के लिए निमोनिया का इलाज एंटीबायोटिक्स दवाओं से किया जाता है. तेज बुखार होने पर पैरासिटामॉल बच्चे को दिया जाता है. गंभीर समस्या होने पर बच्चे को ऑक्सीजन पर भी रखा जा सकता है.

निमोनिया से बचाव के उपाय-

सर्दियों के मौसम में निमोनिया से बचाव के लिए मां को बच्चे का विशेष ध्यान रखना होता है. बच्चे को ऊनी कपड़े के साथ सर्द हवाओं से बचाकर रखना चाहिए. ज्यादा ठंड होने पर कमरे को गर्म करना चाहिए. बच्चे की मां को बच्चे को संक्रमण से बचाने का पूरा ख्याल रखना चाहिए. गंदगी और ठंडे शरीर के साथ बच्चे को नहीं छुना चाहिए.


 



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