नहीं था मुर्दाघर तो स्वास्थ्य केंद्र के टॉयलेट में रखा शव, प्रशासन ने किया इंकार

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छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक व्यक्ति के शव को शौचालय में रखे जाने का मामला सामने आया है. राज्य के स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक जशपुर जिले के सन्ना क्षेत्र में आत्महत्या करने वाले व्यक्ति का शव शौचालय में रखा गया था. हालांकि प्रशासन ने इस बात से इंकार किया है.

हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि शव शौचालय में नहीं बल्कि शौचालय की गैलरी में रखा गया था. जिले के सन्ना थाना के प्रभारी लक्ष्मण सिंह ध्रुवे ने बताया कि ग्राम चलनी निवासी बिट्टू (29) और उसकी पत्नी के बीच 3 अप्रैल को शराब के नशे में विवाद हुआ था, जिससे आक्रोशित होकर बिट्टू ने जहर का सेवन करके जान दे दी. ध्रुवे ने बताया कि बिटटू का शव दोपहर बाद साढ़े तीन बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सन्ना में पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया था. लेकिन चिकित्सालय में शव गृह नहीं होने के कारण शव को वार्ड में बने शौचालय की गैलरी में कुछ देर के लिए रख दिया गया था.

इस मामले में जशपुर जिला कलेक्टर प्रियंका शुक्ला ने बताया कि सन्ना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मृतक का शव शौचालय में रखे जाने की बात निराधार है. सन्ना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शव गृह नहीं होने के कारण शव को वार्ड में रखा गया था, लेकिन वार्ड में भर्ती प्रसूता महिलाओं और अन्य भर्ती रोगियों द्वारा आपत्ति किए जाने के बाद शव को वार्ड में बने शौचालय की गैलरी में कुछ देर के लिए रख दिया गया. इसके बाद शव को भुर्सकोना स्थित ले जाकर पोस्टमार्टम किया गया.

कलेक्टर ने बताया कि 77.21 लाख रूपये की लागत से सन्ना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमॉर्टम हाऊस का निर्माण कराया जा रहा है. इसके लिए जिला प्रशासन ने जिला खनिज न्यास निधि से राशि स्वीकृति की है.



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