आतंकी सरगना सलाहुद्दीन का दावा, हिज्बुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ AMU का छात्र मन्नान वानी

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कुछ दिनों पहले अचानक लापता हुए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के स्कॉलर मन्नान वानी के हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल होने की इस आतंकी संगठन ने पुष्टि की है। न्यूज एजेंसी ने हिजबुल सरगना सैयद सलाहुद्दीन के एक बयान के हवाले से इस बात की पुष्टि की है कि कश्मीर के कुपवाड़ा का रहने वाला वानी अब हिज्बुल मुजाहिदीन में शामिल हो चुका है। बता दें कि वानी का एक फोटो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। इसमें वह हाथ में एके-47 लिए नजर आता है। इसके बाद मीडिया में खबरें आईं कि वानी हिजबुल में शामिल हो चुका है।

हिजबुल मुजाहिदीन का सरगना सैयद सलाहुद्दीन पाकिस्तान में रहता है। उसने मन्नान के बारे में लोकल मीडिया को जानकारी दी। लोकल मीडिया के हवाले से यह जानकारी न्यूज एजेंसी ने दी है। सलाहुद्दीन ने अपने बयान में कहा- मन्नान वानी का हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल होना भारत के प्रोपेगंडा का जवाब है। इसमें ये कहा जाता है कि कश्मीर के युवा इसलिए आतंकी बन रहे हैं क्योंकि वहां बेरोजगारी और गरीबी बहुत ज्यादा है। सलाहुद्दीन का बयान श्रीनगर में भी देखा गया। 

वानी कुपवाड़ा के लोलाब इलाके के टिकीपोरा का रहने वाला है। वो दिल्ली से 6 जनवरी को घर लौटा था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला। वानी की सोशल मीडिया में आई खबरों के बाद यूपी पुलिस ने अलीगढ़ में उसके हॉस्टल पर छापा मारा। यूनिवर्सिटी ने फिलहाल, उसे सस्पेंड कर दिया है। 

सलाहुद्दीन ने बयान में कहा- कई साल से कश्मीर के पढ़े-लिखे नौजवान हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो रहे हैं। क्योंकि, उन्हें आजादी की लड़ाई को अपने अंजाम तक पहुंचाना है। इसकी तारीफ की जानी चाहिए।

 वानी की मां और पिता ने मीडिया से बातचीत में बेटे से भावुक अपील की। उन्होंने कहा- हमने बेटे की परवरिश में कोई कमी नहीं रखी। हम उम्मीद करते हैं कि वो वक्त रहते घर लौट आएगा। वानी की मां ने कहा- हमसे कोई गलती हो गई हो तो उसे माफ कर देना चाहिए। मन्नान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एप्लाइड जियोलॉजी में पीएचडी कर रहा था। 2 जनवरी तक वो वहां था। इसके बाद उसने यूनिवर्सिटी छोड़ दी थी।



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