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केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. भारी बारिश, तेज हवाओं और भूस्खलन से भारी तबाही हुई है. वहीं कोच्चि हवाई अड्डे पर 11 अगस्त दोपहर तीन बजे तक सभी विमानों का परिचालन रोक दिया गया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और केरल में अगले दो दिन में भीषण बारिश होने का अनुमान है.

केरल में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. केरल के एर्नाकुलम, त्रिशुर, पठानमथिट्टा, मलप्पुरम जिलों में बीती रात जोरदार बारिश हुई. बाढ़ प्रभावित कई लोगों को रातोंरात सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. इस बीच कोच्चि हवाई अड्डे पर 11 अगस्त दोपहर तीन बजे तक सभी विमानों का परिचालन रोक दिया गया है. वहीं भारी बारिश की वजह से केरल सरकार ने राज्य भर के सभी स्कूलों में एक दिन की छुट्टी की घोषणा की है. 

केरल स्टेटट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी(केडीएसएमए) के मुताबिक पूरे राज्य में अब तक 22,165 लोगों को सुरक्षित निकालकर 315 सुरक्षित कैंपों पर पहुंचाया गया है. मौसम विभाग ने केरल के तट से सटे इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान लगाया है. मछुआरों को समुद्र में जाने की मनाही की गई है. बताया गया है कि अभी तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है.

महाराष्ट्र में लगभग दो लाख लोगों को पश्चिम महाराष्ट्र में सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है. कोल्हापुर और सांगली जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है. इसी बीच बाढ़ प्रभावित लोगों को एयरलिफ्ट करके वहां से निकालने की कोशिश की जा रही है. इसे लेकर रक्षा प्रवक्ता ने कहा, 'कोल्हापुर और सांगली जिले में प्रतिकूल मौसम होने की वजह से जब एयरलिफ्ट नहीं हो सका तो नौसेना के बचाव दल की 12 टीमें कल रात सड़क मार्ग से सांगली के लिए रवाना हो गईं. पुलिसकर्मियों ने उन्हें सांगली तक के लिए ग्रीन कॉरिडोर मुहैया करवाया.

बारिश और बाढ़ से राज्य की परेशानियों को पुणे, सतारा, सांगली और कोल्हापुर के बांधों ने बढ़ाने का काम किया है. यहां के सभी बांध पूरी तरह से भर चुके हैं और पुणे जिले के नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट कर दिया गया है. बाढ़ की वजह से पुणे, सतारा, सांगली, सोलापुर और कोल्हापुर में 16 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं गुरुवार को बाढ़ प्रभावितों को लेकर जा रही नाव के पलटने से नौ लोगों की मौत हो गई थी. जिसके कारण अबतक मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है.

कर्नाटक के उत्तरी तटों के प्रभावित जिलों तथा मलनाड से 43,858 लोगों को बचाया है. इस दल में अग्नि और आपातकालीन विभाग, राज्य आपदा मोचन बल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और सेना शामिल है. अधिकारियों ने बताया कि नौ लोग मारे गए हैं जिनमें से छह लोग बेलगावी जिले से थे. मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा फिलहाल बेलगावी में हैं और राहत तथा बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं. ओडिशा, गोवा, गुजरात और मेघालय में भी बारिश से हालात खराब हैं.



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